हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/ मनेंद्रगढ़ किशन शाह: वन परिक्षेत्र मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ अधिकारी रामसागर कुर्रे एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे, आरटीआई से जुड़े एक मामले में जब उनसे जवाब मांगा गया तो वे स्पष्ट उत्तर देने से बचते हुए इधर-उधर की बातें करते नजर आए, लेकिन ठोस जवाब नहीं दिया गया। संबंधित विषय पर पूछे गए सवालों को लेकर वन परीक्षेत्र अधिकारी रामसागर कुर्रे की कार्यशैली संदेह के घेरे में आ गई है। जवाब देने के बजाय टालमटोल रवैया अपनाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि रामसागर कुर्रे आगामी दो माह में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, ऐसे में उनके खिलाफ लंबित शिकायतों और संभावित अनियमितताओं की जांच को लेकर शासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि यदि अधिकारी भ्रष्टाचार या अनियमितता के मामलों में संलिप्त नहीं हैं, तो जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है? क्या सेवानिवृत्ति के पहले मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है?
अब यह पूरा मामला शासन स्तर पर जांच का विषय बनता जा रहा है, और आमजन को उम्मीद है कि समय रहते निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी। यदि जांच में देरी होती है, तो यह शासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करेगा।

