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प्रतीक्षा बस स्टैंड भूमि मामला: धोखाधड़ी कर तालाब पाटने के मामले में कलेक्टर का कड़ा रुख, FIR दर्ज करने और जमीन शासन के अधीन करने के आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अम्बिकापुर के बहुचर्चित प्रतीक्षा बस स्टैंड स्थित खसरा क्रमांक 3714 की भूमि के अवैध अंतरण और जल क्षेत्र को पाटकर प्लाटिंग करने के गंभीर मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सरगुजा कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर की जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले के मुख्य आरोपियों और संदिग्धों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के निर्देश तहसीलदार अम्बिकापुर को दिए हैं। इसके साथ ही इस विवादित भूमि को पुनः विधिवत शासन के अधीन (निहित) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तालाब पाटकर अवैध प्लाटिंग की हुई थी शिकायत
मामले की शुरुआत स्थानीय नागरिकों की ओर से मिली शिकायत से हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि प्रतीक्षा बस स्टैंड क्षेत्र स्थित खसरा क्रमांक 3714 के अंतर्गत आने वाले तालाब व जल क्षेत्र को पाटकर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। इस तालाब का उपयोग स्थानीय निवासी निस्तारी सहित अन्य दैनिक कार्यों के लिए करते आ रहे थे। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को जांच के आदेश दिए थे।
फर्जी दस्तावेज और मृत व्यक्ति के गलत वारिस दर्शाकर जालसाजी
SDM की जांच रिपोर्ट में भूमि अंतरण के खेल में भारी अनियमितता और धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है। राजस्व अभिलेखों (वर्ष 1954-55 से पूर्व) के अनुसार यह भूमि जैलाल पिता बोधन (जाति: गोंड़, अनुसूचित जनजाति) के नाम पर दर्ज थी। जांच में नगर पालिक निगम अम्बिकापुर से सत्यापन कराया गया। निगम ने 4 मई 2026 को स्पष्ट किया कि जैलाल पिता बोधन की 23 अप्रैल 1976 को हुई मृत्यु से संबंधित प्रस्तुत प्रमाण पत्र निगम में न तो दर्ज था और न ही जारी किया गया था। अमलभिट्ठी के पटवारी द्वारा ‘जैलाल पिता देवराम’ के वारिसों की जो सूची तैयार की गई थी, उसका दुरुपयोग ‘जैलाल पिता बोधन’ के वारिसों के रूप में करते हुए राजस्व रिकॉर्ड में फर्जी फौती नामांतरण करा लिया गया।
भू-माफिया, विक्रेताओं और पंचायत प्रतिनिधियों की संलिप्तता
जांच प्रतिवेदन में इस पूरे फर्जीवाड़े में कई लोगों की संलिप्तता उजागर हुई है:
चन्द्रशेखर यादव (पिता स्व. जगतपाल यादव) और आजाद इराकी (पिता रियाजुद्दीन इराकी) की भूमि अंतरण में मुख्य भूमिका पाई गई है। नोहरसाय, रामकुमार, श्रीलाल, पूर्णिमा, जनकुंवर, चन्द्रभान यादव एवं मीरा यादव की भूमिका भी धोखाधड़ी में सामने आई है। फर्जीवाड़े को अंजाम देने में ग्राम पंचायत अमलभिट्ठी के तत्कालीन सरपंच एवं सचिव की भूमिका को भी संदेहास्पद बताया गया है।
कलेक्टर का निर्देश— अविलंब कराएं FIR
अनुसूचित जनजाति वर्ग की भूमि को फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के जरिए हड़पने और धोखाधड़ी करने के मामले में कलेक्टर ने तहसीलदार अम्बिकापुर को निर्देशित किया है कि वे संबंधित थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराएं और पालन प्रतिवेदन जल्द से जल्द प्रस्तुत करें। प्रशासन द्वारा अब राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कर उक्त भूमि को शासकीय घोषित करने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

फर्जी शपथ पत्र देकर अनुकंपा नियुक्ति पाने वाली सहायक ग्रेड-3 निलंबित, DEO ने की बड़ी कार्रवाई…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : फर्जी शपथ पत्र जमा कर अनुकंपा नियुक्ति हासिल करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 सीमा कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में पाया गया कि नियुक्ति के समय सीमा कुशवाहा ने परिवार में किसी भी सदस्य के शासकीय सेवा में न होने की झूठी जानकारी दी थी।
क्या है पूरा मामला?
विकासखंड मैनपाट से प्राप्त शिकायत और कार्यालयीन आदेश के आधार पर मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया था। जांच समिति ने सीमा कुशवाहा की नियुक्ति से जुड़े मूल अभिलेखों, आवेदन, शपथ पत्र और पारिवारिक विवरण का गहन परीक्षण किया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा की मृत्यु के पश्चात सीमा कुशवाहा को 16 जून 2017 को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान 5 मई 2017 को प्रस्तुत किए गए शपथ पत्र में सीमा कुशवाहा ने घोषणा की थी कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य शासकीय या अर्ध-शासकीय सेवा में कार्यरत नहीं है।
अभिलेखों की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। दस्तावेजों के अनुसार उनके भाई  राकेश कुशवाहा वर्ष 2013 से शासकीय सेवा में कार्यरत हैं वहीं उनके पति सुदामा कुशवाहा वर्ष 2010 से शासकीय सेवा में कार्यरत हैं।
परिवार में पति और भाई दोनों के पहले से सरकारी सेवा में होने के बावजूद सीमा कुशवाहा ने शपथ पत्र में यह जानकारी छुपाई, जो छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
निलंबन और विभागीय कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सीमा कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ‘कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, अम्बिकापुर’ निर्धारित किया गया है। वे सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी। निलंबन अवधि में उन्हें मूलभूत नियम 53 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) देय होगा।
सीमा कुशवाहा के विरुद्ध नियम 14 के तहत नियमित विभागीय जांच संस्थित की जाएगी। पृथक से आरोप-पत्र (Charge-sheet) जारी कर उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूर्ण अवसर प्रदान किया जाएगा।

सरगुजा में दो बाइकों की भीषण भिड़ंत, एक की मौके पर मौत, पत्नी समेत दो गंभीर…

हिंद स्वराष्ट्र लखनपुर : सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलदगी-चांदो मार्ग पर मंगलवार शाम करीब 5 बजे दो तेज रफ्तार बाइकों के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और दूसरी बाइक का चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम चांदो निवासी देवधन दास (42 वर्ष, पिता दलवीर दास) अपनी पत्नी के साथ बाइक से लखनपुर से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बेलदगी-चांदो मुख्य मार्ग पर सामने से आ रहे बेंदोपानी निवासी दिलीप तिर्की की बाइक से उनकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण देवधन दास की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी और दिलीप तिर्की गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल पहुंचे परिजन, छाया मातम
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत लखनपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां मौत की खबर से परिवार में मातम पसर गया।
सूचना मिलते ही लखनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के शव को मरच्यूरी में रखवा दिया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस दुर्घटना के कारणों और दोनों वाहनों की स्थिति की जांच कर रही है।

अंबिकापुर में MSc के छात्र ने जंगल में की आत्महत्या, तीन दिन से था लापता…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : गांधीनगर थाना क्षेत्र के सकालो जंगल में मंगलवार सुबह एक युवक का शव पेड़ से फांसी पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान जशपुर जिले के दुलदुला निवासी 28 वर्षीय निखिल रंजन एक्का पिता अजय एक्का के रूप में हुई है। निखिल अंबिकापुर के साईं बाबा कॉलेज में MSc प्रथम वर्ष का छात्र था और मुक्तिपारा में अपने फूफा के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, निखिल शनिवार से अचानक घर से गायब था। मंगलवार सुबह बीट गार्ड ने जंगल में उसका शव देखकर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर जाँच शुरू की।
फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई और मामले की छानबीन कर रही है।

नशीले इंजेक्शन मामले में फरार आरोपी महेश नायक गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/चिरमिरी किशन शाह: पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार के मामले में फरार चल रहे आरोपी महेश नायक को  गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 24 नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। बरामद इंजेक्शनों की अनुमानित कीमत करीब 8,400 रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, इसी प्रकरण में पूर्व में आशीष जायसवाल को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से Rexogesic Buprenorphine Injection IP के 26 नग तथा Avil Pheniramine Injection IP के 26 नग, कुल 52 इंजेक्शन बरामद किए गए थे। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त स्कूटी और मोबाइल सहित कुल 53,200 रुपये का मशरूका जब्त किया गया था। आशीष जायसवाल को 17 सितंबर 2026 को धारा 22(C) NDPS Act के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में शामिल महेश नायक घटना के बाद से फरार था। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान पुलिस ने उसे टिकरापारा से पकड़ा।
पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा घटना में अपनी संलिप्तता बताए जाने के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर छोटी बाजार कब्रिस्तान के पास से Rexogesic Buprenorphine Injection IP के 12 नग और Avil Pheniramine Injection IP के 12 नग, कुल 24 इंजेक्शन बरामद किए। इनकी अनुमानित कीमत 8,400 रुपये बताई गई है।
पुलिस ने आरोपी महेश नायक को विधिवत गिरफ्तार कर 21 सितंबर 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (IPS) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी वासुदेव परगनिहा, प्रधान आरक्षक अशोक मलिक, आरक्षक सुरेश तिग्गा, सैनिक प्रमोद और सैनिक क्रमांक 158 रामजी गुप्ता सहित थाना चिरमिरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जिला एमसीबी पुलिस ने कहा है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

ग्राम लहपटरा में पोषण माह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित,,,मेहंदी, रंगोली एवं स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता में महिलाओं और बच्चों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग…

हिंद स्वराष्ट्र लखनपुर/सरगुजा। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो, अंबिकापुर द्वारा पोषण माह के अंतर्गत ग्राम लहपटरा, विकासखंड लखनपुर, जिला सरगुजा में पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों एवं आमजन को संतुलित आहार, पोषण, स्वच्छता, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर मेहंदी, रंगोली तथा स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रंगोली और मेहंदी के माध्यम से प्रतिभागियों ने पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े संदेशों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, साफ-सफाई, खान-पान और पोषण की स्थिति के प्रति अभिभावकों को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक मीना गोंड़ ने पोषण के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं और अभिभावकों से बच्चों के खान-पान, स्वच्छता तथा नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कुपोषण की रोकथाम तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।

इस अवसर पर आकांक्षी विकासखंड लखनपुर से नीति आयोग की प्रतिनिधि सुभिता शुक्ला भी उपस्थित रहीं। उन्होंने ग्रामीणों, महिलाओं एवं बच्चों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने संतुलित आहार, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता तथा बच्चों एवं महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक पोषण के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि परिवार में पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाकर बच्चों के समुचित विकास तथा कुपोषण की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है।

इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो, अंबिकापुर के ब्यूरो प्रभारी हिमांशु सोनी ने पोषण माह के उद्देश्य और विभाग द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पोषण से जुड़ी जानकारी को प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि बच्चे स्वस्थ रहें और कुपोषण की समस्या को कम किया जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से पोषण संबंधी अच्छी आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं मनोरंजक बनाने के लिए समर्पण लोक कला मंच के कलाकारों द्वारा लोकगीत एवं लोक कला की प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों ने मनोरंजन के साथ-साथ पौष्टिक आहार, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं कुपोषण से बचाव का संदेश लोककला के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों को उपस्थित ग्रामीणों ने काफी सराहा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को पोषण को केवल एक माह तक सीमित न रखते हुए पूरे वर्ष स्वस्थ जीवनशैली, पौष्टिक आहार और स्वच्छता को अपनाने का संदेश दिया गया। आयोजन में महिलाओं, बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।

सेवा संकल्प अभियान: शासकीय शाला मोहनपुर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन, विद्यार्थियों ने लिया सामूहिक शपथ…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला मोहनपुर में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रवण सिंह के मुख्य आतिथ्य तथा मनोहर सिंह एवं प्रवीण सिंह के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस दौरान सामूहिक पुस्तक वाचन, चित्रकला, रंगोली, निबंध एवं भाषण जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अतिथियों का स्वागत एवं राष्ट्र निर्माण का संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों को बैच लगाकर एवं माल्यार्पण कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि श्रवण सिंह द्वारा राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन हेतु उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों को सामूहिक शपथ दिलाई गई।
सामूहिक पुस्तक वाचन और रचनात्मक प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों, शिक्षकों, शाला प्रबंधन समिति (MMC) के सदस्यों, पालकों और विद्यार्थियों ने मिलकर सामूहिक पुस्तक वाचन किया।
चित्रकला प्रतियोगिता:  दीपांशु, अंजली, वीर शिवा, सतीश एवं आयुष ने भाग लेकर अपनी बेहतरीन कला का प्रदर्शन किया।
रंगोली प्रतियोगिता: राखी, सरिता, रोशनी, आरती एवं एलिना ने आकर्षक रंगोली बनाकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विशेष आकर्षण के रूप में मुख्य अतिथि श्रवण सिंह एवं विशिष्ट अतिथि मनोहर सिंह ने भी चित्रकला में अपना हुनर दिखाया। बच्चों की प्रतिभा और कला से प्रभावित होकर मुख्य अतिथि ने उन्हें नकद राशि उपहार स्वरूप भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक निरंजन विश्वास, शिक्षिका विनीता सिंह, द्वारिका प्रसाद पात्र, अशोक कुमार तिर्की, सावित्री राजवाड़े, शिशामणि सहित सुखसागर, बसंत, शाला के शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मनेन्द्रगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मोटरसाइकिल चोरी के दो मामलों का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/मनेंद्रगढ़ किशन शाह : थाना सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹1.10 लाख बताई जा रही है।
दर्ज हुआ था मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए थाना सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ में अपराध क्रमांक 217/2026 और 218/2026 दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) एवं 3(5) के तहत पंजीकृत कर विवेचना में लिया गया। जांच के दौरान पुलिस टीम ने लगातार संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर हत्थे चढ़े आरोपी
विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर दो संदिग्धों—राजेंद्र महतो और देवेंद्र भंडारकर को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बाइक चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने निम्नलिखित वाहन जब्त किए हैं:
1. हीरो स्प्लेंडर प्लस (क्रमांक CG 16 CD 1209) – अनुमानित कीमत ₹40,000
2. बजाज पल्सर (क्रमांक CG 12 BU 9276) – अनुमानित कीमत ₹70,000
कुल बरामदगी की कीमत: लगभग ₹1,10,000
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
राजेंद्र महतो (38 वर्ष), निवासी: वार्ड क्रमांक 03, सेंट्रल स्कूल के पीछे, रेलवे कॉलोनी, मनेन्द्रगढ़।
देवेंद्र भंडारकर (34 वर्ष), निवासी: वार्ड क्रमांक 08, आरपीएफ बैरक के पीछे, मनेन्द्रगढ़।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को 17 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (IPS) के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इस सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक पाटले, उपनिरीक्षक (PSI) सोनू, PSI विकास, PSI भरत, प्रधान आरक्षक (HC) राजेश, HC रवि, HC राजकुमार, आरक्षक प्रमोद एवं आरक्षक प्रदीप एक्का की विशेष भूमिका रही।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में चोरी, नकबजनी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नगरपालिका कार्यालय के सामने सड़क पर सब्जी नीलामी, आवागमन बाधित…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/मनेंद्रगढ़ किशन शाह : नगरपालिका कार्यालय के सामने मुख्य सड़क पर सब्जी की नीलामी किए जाने के कारण इन दिनों आवागमन प्रभावित हो रहा है। सब्जी विक्रेताओं द्वारा नीलामी के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़क का काफी हिस्सा घिर जाता है और आम लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है
सड़क पर वाहनों के साथ सब्जियों के जमावड़े के कारण पैदल राहगीरों के अलावा दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। व्यस्त सड़क पर इस तरह वाहनों के खड़े होने से कई बार यातायात की स्थिति भी प्रभावित होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरपालिका कार्यालय के ठीक सामने मुख्य सड़क पर यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि सब्जी नीलामी के लिए सड़क से अलग उचित स्थान निर्धारित किया जाए, ताकि मुख्य मार्ग पर आवागमन सुचारु बना रहे और आम जनता को परेशानी से राहत मिल सके।

छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में तबादले, कई जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों के तबादले, देखें आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 12 जिला आबकारी अधिकारियों और 31 सहायक जिला आबकारी अधिकारियों के तबादले किए हैं।

देखें आदेश :

25 चिकित्सा अधिकारियों के तबादले, डॉ कपिल देव पैंकरा सरगुजा के संभागीय संयुक्त संचालक नियुक्त…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 25 चिकित्सा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। जारी तबादला आदेश में डॉ. जगसाया सिंह सरता को प्रभारी CMHO अंबिकापुर की जिम्मेदारी मिली है, जबकि डॉ. कपिल देव पैंकरा को संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा बनाया गया है। सूरजपुर में डॉ. प्रशांत सिंह नए प्रभारी CMHO होंगे तो वहीं कोरिया में डॉ. बलवंत सिंह को प्रभारी CMHO बनाया गया है।

देखें आदेश :

सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस गरिमामय वातावरण में संपन्न…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह मंगलवार को हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर अजीत वसंत, एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग व जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गार्ड ऑफ ऑनर से शुरुआत, विमोचित हुई विद्यालय पत्रिका
अतिथियों के आगमन पर कैडेटों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन और केक काटकर स्थापना दिवस का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया। साथ ही, संस्कृत शिक्षक सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा तैयार किए गए अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का अवलोकन कर उसकी सराहना की।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पुरस्कार वितरण
कैडेटों ने स्वागत गीत, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, मूक अभिनय, देशभक्ति समूहगान और भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों और हाउस को सम्मानित किया गया। खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम (बेस्ट हाउस) कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस वही अकादमिक क्षेत्र (बेस्ट हाउस) अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट योगदान के लिए विद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को कमेंडेशन (प्रशस्ति पत्र) प्रदान किए गए।
अनुशासन और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा
मुख्य अतिथि राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम के अंत में उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने आभार व्यक्त किया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा के नाम की सिफारिश की…

हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (बिलासपुर) के मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्ति को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अनुशंसा की है।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सेवानिवृत्ति के बाद संभालेंगे कार्यभार
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की यह सिफारिश वर्तमान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रभावी होगी। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा 4 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी सेवानिवृत्ति तिथि 4 सितंबर से पहले ही केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

जस्टिस संजय के. अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे
कॉलेजियम ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल को पदोन्नत कर राजस्थान हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके पदोन्नति के साथ-साथ स्थानांतरण का आदेश भी जारी कर दिया है।
इन नई नियुक्तियों और पदोन्नतियों के बाद अब केवल केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय का बड़ा एक्शन: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबियों पर शिकंजा, बलरामपुर अपर कलेक्टर से भी पूछताछ जारी…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबियों और सहयोगियों के खिलाफ एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद अब इस आंच की तपन प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गई है।


बलरामपुर सर्किट हाउस में कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ
ईडी की एक विशेष टीम दो गाड़ियों में सवार होकर बलरामपुर पहुंची और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के ओएसडी (OSD) रह चुके चेतन बोरघारिया को तलब कर उनसे घंटों पूछताछ की। चेतन बरघारिया वर्तमान में बलरामपुर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। ईडी अधिकारियों द्वारा उन्हें बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में रखकर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सर्किट हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, टीम किस विशिष्ट मामले या लेन-देन को लेकर सवाल-जवाब कर रही है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। 
भूपेश बघेल के पूर्व PA समेत कई ठिकानों पर दबिश
बलरामपुर से पहले ईडी की टीमों ने दुर्ग, भिलाई और रायपुर सहित आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। इनमें भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक (PA) के. के. चंद्राकर का भिलाई स्थित आवास भी शामिल है।
CGPSC घोटाले से जुड़ रहे हैं तार?
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कवायद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा (2020-2021) में हुई भारी गड़बड़ी, बैकड्रॉप सेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ी मानी जा रही है। आरोप है कि तत्कालीन सरकार में रसूखदार नेताओं और वरिष्ठ अफसरों के रिश्तेदारों व करीबियों को नियमों को ताक पर रखकर डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे उच्च पदों पर चयनित कराया गया था।
सीबीआई (CBI) की प्राथमिक प्राथमिकी के आधार पर ईडी इस पूरे वित्तीय लेनदेन और पद के दुरुपयोग की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इस मामले में सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टॉमन सिंह सोनवानी सहित कई आरोपियों पर पहले ही शिकंजा कसा जा चुका है।
अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया से हो रही इस पूछताछ के बाद राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

ग्राम पंचायत की अनूठी मुहिम, गांव में शराब पीने और बनाने पर 5 हजार का जुर्माना..

हिंद स्वराष्ट्र सरगुजा/लखनपुर। लखनपुर विकासखंड का ग्राम पंचायत केवरी इन दिनों नशामुक्ति के खिलाफ एक मिसाल पेश कर रहा है। गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए पंचायत, ग्राम सुधार समिति, युवाओं और महिलाओं ने मिलकर 20 अगस्त से एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस पहल को सख्त रूप से लागू करने के लिए ग्रामसभा में बाकायदा नशामुक्ति का प्रस्ताव पारित किया गया है।
पंचायत द्वारा जारी सूचना पत्र के अनुसार गांव में शराब और नशे से जुड़े अलग-अलग अपराधों के लिए कड़ा जुर्माना तय किया गया है:

  • शराब पीने पर: ₹5,000 जुर्माना
  • शराब पिलाने और बनाने पर: ₹5,000 जुर्माना
  • नशे की हालत में गांव में प्रवेश करने पर: ₹3,000 जुर्माना

यह नियम आज 1 सितंबर से लागू होंगे।

पारिवारिक विवादों पर अंकुश लगाने का प्रयास
सरपंच मनिजर राम और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगातार शराब के कारण घरेलू विवाद और लड़ाई-झगड़े बढ़ रहे थे, जिससे कई हंसते-खेलते परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गए थे। इसी स्थिति पर अंकुश लगाने और गांव का माहौल सुधारने के लिए सामूहिक रूप से यह कठोर निर्णय लिया गया है।
घर-घर जाकर जागरूकता अभियान
अभियान के तहत केवल जुर्माना ही तय नहीं किया गया है, बल्कि जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गांव में लगातार जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं। वहीं ग्राम सुधार समिति के सदस्य, महिलाएं और युवा घर-घर पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्परिणाम समझा रहे हैं और सामाजिक स्तर पर शराब से दूर रहने की अपील कर रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि केवरी को पूरी तरह नशामुक्त बनाने तक यह मुहिम लगातार जारी रहेगी।

अवैध कटाई की खबर सामने लाने पर भड़के वनकर्मी, ग्रामीण से मारपीट का आरोप…

हिंद स्वराष्ट्र लखनपुर : सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोसंगा में वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा एक ग्रामीण के साथ अभद्रता और मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि जंगल में अवैध कटाई और अतिक्रमण की जानकारी मीडिया तक पहुंचाने से नाराज वनकर्मियों ने उसके घर पहुंचकर थप्पड़ मारे और गाली-गलौज की। घटना के वक्त मौके पर वन परिक्षेत्र अधिकारी के भी मौजूद होने की बात कही जा रही है, हालांकि रेंजर ने अपने सामने मारपीट से इनकार किया है।
अवैध कटाई का मामला उजागर होने के बाद गरमाया विवाद
लखनपुर क्षेत्र में लगातार जंगलों की अवैध कटाई की शिकायतें मिल रही थीं। इसी सूचना के आधार पर ग्राम लोसंगा निवासी रामप्रसाद, अन्य ग्रामीणों और मीडिया टीम ने ग्राम फैलपुर के जंगल का जायजा लिया था। इस दौरान बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई और वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास से जुड़े तथ्य सामने आए, जिन्हें मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
घर के बाहर बुलाकर पीटने का आरोप
ग्रामीण रामप्रसाद का आरोप है कि खबर प्रकाशित होने के बाद 30 अगस्त की दोपहर वन विभाग के कुछ कर्मचारी गाड़ी से उनके घर पहुंचे। वाहन का हॉर्न बजाकर उन्हें नाम से बुलाया गया और बाहर आते ही उन पर मीडिया में जानकारी देने का आरोप लगाते हुए अभद्रता शुरू कर दी गई। आरोप है कि इस दौरान वनकर्मियों ने उन्हें कई थप्पड़ मारे।
मामला तूल पकड़ने पर गांव के सरपंच को फोन कर इसकी जानकारी दी गई। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) रामनिवास दहायत भी वाहन में ही मौजूद थे।
रेंजर ने आरोपों को नकारा
इस संबंध में जब वन परिक्षेत्र अधिकारी रामनिवास दहायत से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने अपने सामने किसी भी तरह की मारपीट की घटना से साफ इनकार किया है। बहरहाल, इस घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के अमले के खिलाफ खासा आक्रोश देखा जा रहा है।

खड़ी ट्रक से जा भिड़ी श्रद्धालुओं की बोलेरो, हादसे में खोपा धाम से लौट रहे एक श्रद्धालु की मौत, पांच घायल…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : खोपा धाम से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बोलेरो सोनवाही जंगल के पास सड़क पर खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसे में बोलेरो सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र के ग्राम लिचिरमा से कुछ लोग बोलेरो वाहन में सवार होकर खोपा धाम दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद वे वापस लौट रहे थे, इसी दौरान सोनवाही जंगल के पास एक खड़ी ट्रक से उनकी बोलेरो की भिड़ंत हो गई इस हादसे में बोलेरो का सामने का हिस्सा बुरी तरह से दुर्घटनाग्रस्त हो गया, वही वाहन में सवार सभी श्रद्धालु बुरी तरह से जख्मी हो गए। बताया जा रहा हैं कि ट्रक सड़क पर लापरवाहीपूर्वक खड़ा किया गया था और उसके पीछे सुरक्षा संबंधी कोई संकेतक या चेतावनी व्यवस्था नहीं थी।
घटना के समय रात का अंधेरा होने के साथ-साथ बारिश भी हो रही थी। खराब मौसम और दृश्यता कम होने के कारण बोलेरो चालक सड़क पर खड़े ट्रक को समय रहते देख नहीं पाया और वाहन सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इस दुर्घटना में रतनपुर सीतापुर निवासी 56 वर्षीय श्याम सुंदर (पिता स्व. रतिराम) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे में सुभाष, मंजू, राजकुमारी, राजकुमार और सुशीला घायल हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सबसे दुर्भाग्य कि बात यह रही कि अंबिकापुर–बनारस इस मार्ग में दिन रात वाहनों का आवागमन जारी रहता हैं, आए दिन यहां हादसे होती रहती हैं लेकिन बावजूद इसके अब तक इस सड़क में रोड लाइट की व्यवस्था नहीं की गई हैं। आपको बता दें कि यह सड़क भारतमाला प्रोजेक्ट में शामिल हैं और इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय राज्यमार्ग मंत्री से की जा चुकी हैं।

लिव-इन पार्टनर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, रक्षाबंधन पर घर जाने को लेकर विवाद के बाद प्रेमिका ने भी काटा अपना गला…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : गांधीनगर थाना क्षेत्र के सुभाषनगर से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर घर जाने की बात पर प्रेमी-प्रेमिका के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि प्रेमी की खून से लथपथ संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई, जबकि प्रेमिका ने भी धारदार हथियार से अपना गला रेतकर आत्महत्या का प्रयास किया।
मृतक की पहचान मोहन पैकरा के रूप में हुई है, वहीं युवती का नाम महिमा सिदार बताया जा रहा है। दोनों पिछले 10 वर्षों से शहर के विभिन्न इलाकों में किराए का मकान लेकर लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।
अस्पताल में भर्ती प्रेमिका महिमा के कथनानुसार, रक्षाबंधन पर घर जाने की बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। बहस इतनी गंभीर हो गई कि मोहन पैकरा ने धारदार हथियार से खुद अपना गला काट लिया। अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रेमी को मृत देखकर खौफजदा महिमा ने भी उसी हथियार से अपना गला काट लिया।
सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वही गंभीर रूप से घायल युवती को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या यह आत्महत्या है या हत्या का मामला, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और युवती के विस्तृत बयान के बाद ही हो पाएगा।
पुलिस का कहना है कि वे मामले के सभी तकनीकी व फॉरेंसिक पहलुओं की जांच कर रहे हैं ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।

संपादकीय: शक्कर का संकट: नीतिगत दावों और किसान के दर्द के बीच पिसती मिठास…


हिंद स्वराष्ट्र संपादक मृण्मयी पाण्डेय की कलम से…. देश में चीनी की कीमतों में हाल ही में हुई ₹15 से ₹20 प्रति किलो की बढ़ोतरी ने एक बार फिर सरकार की नीतियों और चीनी उद्योग के ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सरकार और मिल मालिक इसे E20 नीति (इथेनॉल ब्लेंडिंग), रेड रॉट बीमारी और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का नतीजा बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पूरी व्यवस्था के केंद्र में खड़ा किसान आज भी उपेक्षा और शोषण का शिकार है।
सरकारी आंकड़ों का तर्क है कि इथेनॉल के लिए गन्ने का डाइवर्जन घटकर 9% रह गया है और 20% इथेनॉल का अधिकांश हिस्सा मक्के जैसे अनाजों से बनाया जा रहा है। सरकार का यह भी दावा है कि इथेनॉल नीति से मिलों को तुरंत नकदी मिल रही है जिससे किसानों का भुगतान सुधरा है। लेकिन यह तस्वीर का सिर्फ एक-पक्षीय और कागजी हिस्सा है।
धरातल की कड़वी सच्चाई यह है कि गन्ने की खेती से किसानों का मोहभंग सरकार की गलत नीतियों और चीनी मिलों की मनमानी के कारण ही हुआ है। चीनी मिलों में गन्ने की तौल और खरीदी के लिए आज भी पारदर्शी और उचित व्यवस्थाओं का भारी अभाव है। कागजों पर भले ही 14 दिनों में भुगतान के नियम हों, लेकिन असलियत में किसानों को अपनी ही फसल के पैसों के लिए महीनों और कई बार सालों तक मिलों के चक्कर काटने पड़ते हैं। बोनस और बकाया एरियर (Arrears) का भुगतान तो इतना टलता है कि किसान कर्ज के जाल में उलझकर रह जाता है।
इसके अलावा, जिस गति से डीजल, खाद, कीटनाशक और मजदूरी के दाम बढ़े हैं, उस अनुपात में किसानों को उनकी फसल का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP/SAP) कभी नहीं मिला। मिलों के लिए इथेनॉल से मुनाफा कमाना तो आसान कर दिया गया, लेकिन उस मुनाफे का वाजिब हकदार किसान आज भी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहा है। जब किसान को समय पर दाम नहीं मिलता, तो वह गन्ने का रकबा घटाने को मजबूर होता है—और इसी सप्लाई गैप का खामियाजा अंततः आम उपभोक्ता को बढ़ी हुई कीमतों के रूप में भुगतना पड़ता है।
‘हिंद स्वराष्ट्र’ का स्पष्ट मानना है कि शक्कर के दाम में उछाल सिर्फ एक तात्कालिक बाजारी घटना नहीं है, बल्कि यह कृषि और औद्योगिक नीति के गहरे असंतुलन का नतीजा है। सरकार को महज स्टॉक लिमिट लगाने या आयात-निर्यात के अस्थायी पैबंद थामने के बजाय मिलों की जवाबदेही तय करनी होगी। जब तक तौल में पारदर्शिता, फसल का सही दाम और समय पर भुगतान की गारंटी नहीं होगी, तब तक न तो किसान खुशहाल होगा और न ही आम उपभोक्ता को महंगाई से स्थाई राहत मिलेगी।

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