हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/मनेंद्रगढ़ किशन शाह : सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुष स्वास्थ्य शिविर में 800 से अधिक लोगों ने लिया लाभ, योग, संतुलित आहार और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने की दी गई सीख।
आयुर्वेद दिवस एवं “सेवा संकल्प अभियान” के अवसर पर आयुष विभाग द्वारा बुधवार को मनेन्द्रगढ़ के भगत सिंह चौक में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एवं विशाल आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम “आयुर्वेद फॉर ए हेल्दी टुमॉरो” यानी “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” रखी गई।
शिविर में 800 से अधिक नागरिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता गतिविधियों का लाभ लिया। इनमें 430 लोगों ने आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श, 110 लोगों ने होम्योपैथी चिकित्सा परामर्श प्राप्त किया, जबकि 240 लोगों को इम्युनिटी काढ़ा वितरित किया गया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर परामर्श देने के साथ आवश्यकतानुसार निःशुल्क औषधियां भी प्रदान कीं।
भगवान धन्वंतरि के पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भगवान धन्वंतरि के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक जीवनशैली को दैनिक जीवन से जोड़ने का संदेश दिया गया।
उपचार के साथ बचाव पर भी जोर
स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों ने नागरिकों को बीमारी के उपचार के साथ-साथ उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। संतुलित खान-पान, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, योग, शारीरिक गतिविधि, ध्यान और तनाव प्रबंधन को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
कार्यक्रम में नागरिकों को अपनी आयुर्वेद प्रकृति जानने की सुविधा भी दी गई। विशेषज्ञों ने व्यक्ति की आवश्यकताओं के अनुसार खान-पान और दिनचर्या में संतुलन बनाए रखने के बारे में जानकारी दी।
‘रसोई घर से स्वास्थ्य’ बना आकर्षण का केंद्र
शिविर में “रसोई घर से स्वास्थ्य” की अवधारणा के माध्यम से घरेलू स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी गई। नागरिकों को मौसमी खाद्य पदार्थों के सेवन, संतुलित भोजन और उचित खान-पान की आदतों के प्रति जागरूक किया गया।
योग और ध्यान को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश
कार्यक्रम में योग एवं ध्यान के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों को अपनी क्षमता और आवश्यकता के अनुसार योग, शारीरिक गतिविधि तथा ध्यान को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
आयुष विभाग द्वारा लगाया गया सेल्फी स्टैंड भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। आयुर्वेद दिवस की थीम और स्वास्थ्य जागरूकता संदेश से सुसज्जित सेल्फी स्टैंड पर बच्चों और युवाओं सहित नागरिकों ने उत्साहपूर्वक तस्वीरें खिंचवाईं।
जनप्रतिनिधियों ने आयुर्वेद को दैनिक जीवन से जोड़ने पर दिया जोर
आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा पद्धति के साथ स्वस्थ जीवनशैली का भी महत्वपूर्ण आधार है। बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के बीच प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है।
नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र पटवा ने कहा कि आयुर्वेद केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र पद्धति है। संतुलित आहार, योग, ध्यान और व्यवस्थित दिनचर्या को अपनाकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर आम नागरिकों तक चिकित्सा सेवाओं के साथ स्वास्थ्य जागरूकता पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों का उल्लेख करते हुए जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा परंपरा है। वर्तमान समय में प्राकृतिक जीवनशैली और आयुर्वेद की उपयोगिता को समझते हुए लोगों को योग, संतुलित आहार और व्यवस्थित दिनचर्या अपनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल बीमारी के समय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि स्वस्थ आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. तेजकांत सोनकर, डॉ. भूपाल प्रसाद मंजारे, डॉ. विशाल कुमार अहिरवार, डॉ. विवेक कुमार द्विवेदी, डॉ. किशोर शर्मा, डॉ. राजकुमार साकेत, डॉ. अर्चना वर्मा, डॉ. मानसी अग्रवाल, डॉ. अंजली त्रिपाठी, डॉ. मेघा, फार्मासिस्ट महेन्द्र बड़ाईक, मुकेश सिंह, राजकुमार साहू, कुलदीप तिवारी, प्रेम यादव, गेंद कंवर एवं डॉ. ओम सिंह कंवर सहित आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

