‘एनजीटी’ और सरकारी आदेशों को ताक पर रख कर बह रही नदी की छाती, कुंभकर्णी नींद में सोया स्थानीय प्रशासन…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/ भैयाथान मुकेश गुप्ता। मानसून की दस्तक के साथ ही राज्य सरकार ने नदियों के संरक्षण और पर्यावरण नियमों के तहत रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, प्रदेश की सभी नदियों में 10 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक रेत उत्खनन पर पूरी तरह से रोक रहेगी। संचालक रजत बंसल द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित यह पत्र प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को जारी कर इस पर कड़ाई से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।इसके बावजूद सूरजपुर जिले के भैयाथान जनपद पंचायत अन्तर्गत सत्यनगर सिरसी घाट में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से रेत खनन का खेल जारी है।
केंद्रीय गाइडलाइन की उड़ रही धज्जियां
विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह प्रतिबंध भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी ‘सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइन, 2016’ एवं ‘एनफोर्समेंट एंड मॉनिटरिंग गाइडलाइन, 2020’ के अनुरूप लगाया गया है। वर्षा ऋतु के दौरान नदियों के प्राकृतिक बहाव को बनाए रखने, जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और संभावित जनहानि को रोकने के लिए हर साल इस अवधि में खनन पर रोक लगाई जाती है।
अधिकारियों ने मूंदी आंखें, रेत माफिया के हौसले बुलंद
विडंबना यह है कि एक तरफ जहां कागजों पर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं, वहीं जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सत्यनगर सिरसी घाट पर बेखौफ होकर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। शासन-प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस अवैध कारोबार को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि जिला एवं स्थानीय प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है, जिससे रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अब देखना यह है कि इस खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारी जागते हैं या अवैध खनन का यह खेल यूं ही अनवरत जारी रहता है।



