हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : शिक्षक से रिश्वतखोरी और आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में सक्ती जिले के जैजैपुर तहसीलदार एनके सिन्हा को बिलासपुर संभागायुक्त सुनील कुमार जैन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित तहसीलदार एनके सिन्हा द्वारा शिक्षक दिलीप चंद्रा से राजस्व प्रकरण के निराकरण के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत अपने ड्राइवर दुर्गेश सिदार के खाते में दो किस्तों में ट्रांसफर करवाई गई थी। तहसीलदार द्वारा 24 मार्च को 15,000 और 26 मार्च को 5,000 रुपए अपने ड्राइवर के खाते में ट्रांसफर करवाए गए थे। रिश्वत के बावजूद तहसीलदार द्वारा शिक्षक का कार्य नहीं किया गया था और फिर से पैसे की मांग की थी जिसका शिक्षक द्वारा वीडियो बना लिया गया था। जिसकी भनक लगते ही तहसीलदार ने पुलिस बुलाकर शिक्षक पर झूठा केस बनाते हुए जेल भेज दिया था। जिसके बाद रिश्वत की मांग की ऑडियो और दुर्व्यवहार का वीडियो शिक्षक द्वारा वायरल कर दिया गया, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने 4 जुलाई को तहसीलदार सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया। तहसीलदार ने 8 जुलाई को जवाब दिया, जो असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद कलेक्टर ने रिपोर्ट संभागायुक्त को भेजी। संभाग आयुक्त सुनील कुमार जैन ने तहसीलदार एनके सिन्हा के आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विरुद्ध मानते हुए, उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में सिन्हा का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय सक्ती नियत किया गया है।
