हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : सूरजपुर जिले में एक वकील इतना ज्यादा पावरफुल हो गया है कि उसके सामने सूरजपुर पुलिस नतमस्तक हो गई हैं। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि एक महिला के साथ रेप किया गया उसकी अश्लील वीडियो ग्राफी की गई उसकी अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किए गए जिसकी शिकायत महिला द्वारा सूरजपुर एसपी से 26 /04/2025 को की गई लेकिन 17 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी वकील के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध नहीं हो पाया हैं, बल्कि पुलिस विभाग द्वारा महिला को मामले में समझौते के लिए मजबूर किया जा रहा हैं।
दरअसल जयनगर थाना अंतर्गत रहने वाली महिला द्वारा सूरजपुर कोर्ट के अधिवक्ता जाहिद सिद्दीकी के विरुद्ध कई संज्ञीन आरोप लगाते हुए आवेदन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को दिया था जिस पर महिला द्वारा लिखा गया था जाहिद सिद्धीकी निवासी मानपुर सूरजपुर से मेरा परिचय 2018 में जमीन संबंधित विवाद, कोलफेर हुआ था जिस समय एक दूसरे से मोबाईल नंबर प्राप्त किये थे। जिसके बाद हम दोनों में बात-चीत व मिलाना जुलना होता था उसी दौरान मैं काम से अनावेदक के साथ बाहर गयी थी तभी मुझे कुछ खिलाकर उसने मेरे साथ मेरे इच्छा के विरूद्ध संबंध बनाये तथा मेरे कुछ फोटो व विडियों भी बनाये जिसकी जानकारी मुझे नहीं थी फिर वह मुझे अपने साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा अगर मैं उसकी बात नहीं मानी तो वह मेरी फोटो व विडियों वायरल करने की धमकी देने लगा तथा रोज मुझे अपनी फोटो तथा अपने पति के साथ संबंध बनाने का विडियों उसे देने के लिए धमकी देता है। ऐसा नहीं करने पर वह मेरे परिवार और गांव में मेरे फोटो विडियों बाटने की धमकी देता था। उसकी सारी बाते मानती थी नहीं मानने पर मुझे फोन पर कभी आमने सामने कभी मैसेज में गाली गलौज तथा जान से मारने के लिए धमकी देता था मैंने हाथ जोड़कर उससे बिनती भी की लेकिन वह मेरा जबरदस्ती शोषण करता रहा मैं जहा काम करती थी वहां जाकर भी उसने मुझसे गाली-गलौज तथा मार पीट कि मेरे सर जिनके साथ में काम करती हूँ उनको भी मेरा अश्लील फोटो और विडियों दिखाया उससे परेशान होकर मैंने काम भी छोड़ दिया वह मुझे मैसेज में मेरे दमाद को मेरा फोटो दिखाने की धमकी भी दी ताकि मैं उससे शारीरिक संबंध बनाये रहूँ मैंने आनवेदक के खिलाफ जयनगर थाने में आवेदन भी दिया था जिसमें थाना प्रभारी द्वारा उसे समझाईस दी गई थी मैं दिनांक 06/04/2025 को बनारस (यूपी) में काम कर रही थी दिनांक 24/04/2025 को सुबह करीब 6:30 बजे अपना मोबाईल में वॉटस ऐप स्टेटस देखी जिसमें जाहिद सिद्धिकी अपने मोबाईल नंबर 98******** में मेरा अश्लील फोटो लगाया था उस समय मेरे साथ मेरी सहेली वृहस्पति मिंज थी उसने भी देखा इसके बाद मैंने मेरे पति मेरा देवर तथा मेरी सहेली मिना राजवाडे को फोन करके अनावेदक के स्टेटस के बारे में बताया उन लोगों से अपने फोन में देखने के लिए, मगर अनावेदक द्वारा तबतक मेरी फोटो डिलिट करके अपना और अपनी पत्नी का फोटो लगा चुका था। अनावेदक ने मुझे सुबह करीब 9:20 मिनट में वॉटसप पर विडियों कोल भी किया था लेकिन मैं उसका फोन नहीं उठाती थी मेरे द्वारा स्टेटस का स्क्रीन सोर्ट (रिकाडिंग) करके रखी हूँ। बार बार मानना करने बावजूद भी उसने मुझसे बदला एवं बदनाम करने के मकसद से मेरा अश्लील फोटो वायरल करने के नाम पर अपने वॉटसप स्टेटस में लगाकर मेरा लज्जा भंग किया है। मैं बनारस से दिनांक 25/04/2025 के सुबह मेरे घर गणेशपुर पहुँची मैंने जयनगर थाने में थाना प्रभारी महोदय से कार्यवाही की बात कि तो उन्होंने कहा कि अगर कोई और उसके वॉटसप स्टेटस में मेरी फोटो देखता और मुझे बताता तो कानूनी कार्यवाही होती उन्होंने उसका नंबर मेरे मोबाईल से ब्लैक लिस्ट में डाल दिया थाना प्रभारी जी ने मुझसे कहां कि मैं अनावेदक को थाना बुलाकर समझाईस दे दूंगा कि वहां दुबरा ऐसा न करे।
अतः श्रीमान् जी से निवेदन है, कि जाहिद सिद्धीकी के उपर कानूनी कार्यवाही करें ताकि वह किसी और महिला के साथ ऐसा घिनौना काम न करे मेरी एक मात्र उम्मीद आपसे है कि आप अपराधी के खिलाफ उचित कार्यवाही करके गांव और समाज में मुझे सर उठाकर जीने की रास्ता देंगे ताकि में इस शारिरीक और मानसिक प्रताड़ना से मुक्त करने की कृपा करें। अपसे मेरा एक निवेदन है कि अगर आपने उचित कार्यवाही नहीं कि तो एक सप्ताह की अंदर में आत्महत्या कर लुगी जिसका जिम्मेदार आप लोग होंगे।
वकील इतने ज्यादा पावरफुल है कि जयनगर थाने में नहीं लिया गया आवेदन
महिला द्वारा इससे पहले भी वर्ष 2018 और 2024 में आरोपी वकील जाहिद सिद्दीकी के विरुद्ध आवेदन दिया जा चुका है लेकिन पहुंच और पावर के कारण वह हर बार बचकर निकल जाता है। अप्रैल माह में भी महिला द्वारा जयनगर थाना प्रभारी के समीप आवेदन प्रस्तुत किया गया था लेकिन जयनगर थाना प्रभारी द्वारा वकील की पहुंच रायपुर तक होने की बात कहते हुए आवेदन लेने से सांप तौर पर इंकार कर दिया गया था और आरोपी वकील जाहिद सिद्दीकी को समझाइश देने की बात कही थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जयनगर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह जब किसी की पहुंच और पावर से इतना ज्यादा प्रभावित रहते हैं कि उसके विरुद्ध आवेदन तक लेने की हिम्मत नहीं कर पाते हैं तो ऐसे में उनको किसी थाने का प्रभार दिया जाना कहा तक सही है।
पिछले आवेदन के बाद वकील ने थाना प्रभारी को दिए गए अपने स्पष्टीकरण में उसके मोबाइल में महिला की कोई भी फोटो वीडियो नहीं होने की बात कही थी।

आखिर महिला के साथ इतना संज्ञीन अपराध करने के बावजूद एक व्यक्ति को इतने अधिक मौके दिए जाना समझ से परे हैं। अगर यह कोई सामान्य व्यक्ति होता तो इस पर अब तक एफआईआर दर्ज हो गई होती और कार्यवाही भी होती, लेकिन रसूखदार और ऊपरी पहुंच के व्यक्ति होने के कारण वकील साहब पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और पुलिस के दबाव में आकर यदि महिला द्वारा समझौता कर लिया जाता है तो आगे भी ऐसे अपराधी मानसिकता के व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
