हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित श्री महावीर हॉस्पिटल, गांधीनगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान एक बहुत बड़ी लापरवाही और गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया है। अस्पताल में बिना वैध और सत्यापित डिग्री के मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले डॉ. नुरैन आलम के खिलाफ पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। छत्तीसगढ़ पुलिस के पोर्टल के अनुसार, इस मामले में FIR No. 0695/26 दर्ज कर BNS की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच रिपोर्ट में सामने आई महा-लापरवाही:
1. फर्जी डिग्री पर ICU का जिम्मा:
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि डॉ. नुरुल आलम (नुरैन आलम) की चिकित्सा डिग्री फर्जी पाई गई है। इसके बावजूद, अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ करते हुए उन्हें अस्पताल के बेहद संवेदनशील आई.सी.यू. (ICU) जैसे गंभीर विभाग में तैनात कर रखा था, जहाँ वे पिछले कुछ वर्षों से लगातार मरीजों का इलाज कर रहे थे।
2. बिना सत्यापन के मरीजों की जिंदगी खतरे में डालना:
जांच में स्पष्ट हुआ कि श्री महावीर हॉस्पिटल प्रबंधन ने बिना किसी डिग्री के सत्यापन और बिना स्वास्थ्य कार्यालय को पूर्व सूचना दिए डॉ. नुरैन आलम की सेवाएं लीं, जो कि नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों और स्थापित चिकित्सा मानकों का खुला उल्लंघन है।
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह गंभीर तथ्य सामने आने के बाद, पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा कस दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से निजी चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप मच गया है।



