सूरजपुर में बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क के साथ 3 अंतरराज्जीय तस्कर गिरफ्तार, WCCB और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई…

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हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर। वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ वन विभाग और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की टीम को बड़ी सफलता मिली है। सूरजपुर जिले में घेराबंदी कर बाघ की खाल और दुर्लभ जीव पैंगोलिन के शल्क (Scales) के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

WCCB भोपाल की सूचना पर बनी संयुक्त टीम

सूरजपुर डीएफओ डीपी साहू ने बताया कि 27 जुलाई को वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो सेंट्रल रीजन भोपाल (WCCB CRB) से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बाघ की खाल और अन्य वन्य प्राणियों के अंगों की तस्करी होने वाली है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ के निर्देशन में वनकर्मियों—रमेश सिंह, मनोज जायसवाल, महेंद्र प्रसाद, सत्यप्रकाश, राजाराम, अजय राजवाड़े—तथा WCCB भोपाल की दो संयुक्त टीमों का गठन किया गया। एक टीम को सूरजपुर और दूसरी टीम को कुदरगढ़ क्षेत्र की ओर रवाना किया गया।

बैजनाथपुर के पास घेराबंदी कर दबोचा

संयुक्त टीम ने ओड़गी-भैयाथान मार्ग पर ग्राम बैजनाथपुर के पास संदिग्धों की तलाश में घेराबंदी की। इसी दौरान मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 15 DN 7494) पर सवार होकर आ रहे तीन लोगों को हुलिए के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद हुए। टीम ने तुरंत जब्ती बनाते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ 28 जुलाई को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर 29 जुलाई (बुधवार) को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी निम्न हैं:

  1. टिकेश्वर प्रसाद राजवाड़े (38 वर्ष) – निवासी ग्राम धरसीवां नवापारा, थाना ओड़गी (सूरजपुर)
  2. भूखन लाल पंडो (56 वर्ष) – निवासी आमापानी (ग्राम भंवरखोह), सूरजपुर
  3. गरीबलाल (58 वर्ष) – निवासी आमापानी (ग्राम भंवरखोह), सूरजपुर

अन्य नेटवर्क की तलाश जारी

डीएफओ डीपी साहू के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग अंबिकापुर और वन परिक्षेत्र कुदरगढ़ की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर इस गिरोह में कुछ अन्य आरोपियों के शामिल होने की आशंका है। वन विभाग और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि वन्यजीव तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

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