हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से लोक निर्माण सेतु विभाग की एक बड़ी लापरवाही और घटिया निर्माण का मामला सामने आया है। यहां बासापारा में करीब 15 लाख रुपये की लागत से बना एक रपटा मानसून की पहली ही बारिश भी नहीं झेल सका और ताश के पत्तों की तरह बह गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस निर्माण को पूरे हुए अभी महज 15 दिन ही हुए थे।
पहली ही बारिश में खुला दावों का पोल
जानकारी के अनुसार, यह मामला नेशनल हाईवे-43 (NH-43) से सटे डुमरिया-केवरा मार्ग का है। ग्राम पंचायत बासापारा के पास गोबरी नदी पर स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए इस रपटे (पुलिया) का निर्माण कराया गया था। विभाग का दावा था कि इससे बारिश के दिनों में ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी। लेकिन मानसून की पहली फुहारों के साथ ही नदी के तेज बहाव में यह रपटा पूरी तरह ढह गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
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जनता की गाढ़ी कमाई पानी में, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
रपटे के टूटने से क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो गया है और स्थानीय ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि 15 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि से बने इस रपटे में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। निर्माण एजेंसी और विभाग के अधिकारियों ने काम में इतनी लापरवाही बरती कि पुलिया 15 दिन भी अपनी जगह पर टिक नहीं सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की बर्बादी और भ्रष्टाचार का मामला है।
जांच और कार्रवाई की मांग
पहली ही बारिश में शासकीय संपत्ति के इस तरह नष्ट होने के बाद अब मामले में लीपापोती की आशंका भी जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस घटिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी इंजीनियरों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या एक्शन लेता है।



