रक्षक ही बने भक्षक! 13 लाख की सागौन लकड़ी महाराष्ट्र पार, डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड निलंबित…

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हिंद स्वराष्ट्र मोहला मानपुर अंबागढ़-चौकी : वन परिक्षेत्र के देववाडवी सर्किल अंतर्गत आने वाले टाटेकसा (कक्ष क्रमांक 751) के संरक्षित जंगल से बेशकीमती इमारती लकड़ियों की तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। तस्करों ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को सेंध लगाते हुए लगभग 13 लाख रुपये मूल्य की सागौन और मिश्रित प्रजाति की लकड़ी को छत्तीसगढ़ की सीमा से बाहर महाराष्ट्र पार कर दिया।
इस बड़ी लापरवाही और मिलीभगत के सामने आने के बाद डीएफओ (DFO) दिनेश पटेल ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की जांच रिपोर्ट मिलते ही ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में डिप्टी रेंजर पुरुषोत्तम सिंह भलावी और बीट गार्ड खेमचंद देशलहरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: काटे गए 68 विशालकाय पेड़
संरक्षित जंगल से बड़े पैमाने पर लकड़ी कटाई की शिकायत मिलने के बाद डीएफओ दिनेश पटेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच के निर्देश दिए थे। जांच टीम की रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:
तस्करों ने जंगल के अंदर से कुल 68 नग सागौन और अन्य मिश्रित प्रजातियों के विशालकाय पेड़ों को काटकर धराशायी कर दिया।
बेखौफ तस्करी: तस्कर बिना किसी डर के इन भारी-भरकम लकड़ियों के लट्ठों (logs) को वाहनों में लोड कर छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र राज्य में ले जाने में कामयाब रहे।
लाखों का नुकसान: शुरुआती आकलन के अनुसार, तस्करी की गई इन लकड़ियों की कुल बाजार कीमत लगभग 13 लाख रुपये आंकी गई है।

कड़े ऐक्शन के मूड में वन विभाग
टाटेकसा के इस संरक्षित वन क्षेत्र में हुई इतनी बड़ी वारदात ने वन विभाग की गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय ग्रामीणों का भी मानना है कि इतनी बड़ी तादाद में पेड़ों की कटाई और परिवहन बिना स्थानीय वन कर्मियों की सह या घोर लापरवाही के मुमकिन नहीं है।
“जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर डिप्टी रेंजर पुरुषोत्तम सिंह भलावी और बीट गार्ड खेमचंद देशलहरा को निलंबित कर दिया गया है। जंगल की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय जांच जारी है, और जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी।”
दिनेश पटेल, डीएफओ

इस कार्रवाई के बाद से वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस और वन विभाग की टीम अब उन तस्करों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, जिन्होंने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है।

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