भ्रष्टाचार का ‘रेशमी’ खेल: भैयाथान के सिरसी में मनरेगा और रेशम विभाग की मिलीभगत से करोड़ों को चूना!

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हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/भैयाथान मुकेश गुप्ता : जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिरसी से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शासन की पारदर्शी व्यवस्था और डिजिटल हाजिरी (NMMS) की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। यहाँ रेशम विभाग के कार्यों में वृक्षारोपण के नाम पर स्वीकृत राशि को ‘पुताई’ के खेल में ठिकाने लगाया जा रहा है।
बेवक्त की पुताई और फर्जीवाड़े का ‘कलर’
हैरानी की बात यह है कि रेशम विभाग के अर्जुन वृक्षों में पुताई का कार्य अमूमन अगस्त से नवंबर के बीच किया जाता है, लेकिन वर्तमान में नियम-कायदों को ताक पर रखकर यह कार्य केवल बजट खपाने के उद्देश्य से कराया जा रहा है। वृक्षारोपण जैसे महत्वपूर्ण कार्य की आड़ में सिर्फ चूना-पुताई कर खानापूर्ति की जा रही है।
डिजिटल अटेंडेंस में ‘फोटोशॉप’ का खेल
भ्रष्टाचार की हद तो तब हो गई जब मनरेगा के तहत हो रहे इस कार्य में मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया।
एक ही फोटो, हर दिन हाजिरी: ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम को ठगने के लिए एक ही तस्वीर का इस्तेमाल रोजाना किया जा रहा है।
बढ़ता ग्राफ: कुछ दिनों पहले तक 3 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लग रही थी, लेकिन अब हौसले इतने बुलंद हैं कि 7 मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी खजाने पर डाका डाला जा रहा है।
बिना पद के ‘चौकीदार’ और फील्ड ऑफिसर पर आरोप
शिकायत के अनुसार, सिरसी में अर्जुन पेड़ों की रखवाली के लिए एक चौकीदार की नियुक्ति की गई है, जबकि विभाग में ऐसा कोई पद स्वीकृत ही नहीं है। बिना पद स्वीकृति के नियुक्ति और भुगतान अपने आप में एक बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का सीधा आरोप फील्ड ऑफिसर तिलक श्रीवास्तव पर है, जिनके संरक्षण में यह पूरा ‘फर्जीवाड़ा नेटवर्क’ फल-फूल रहा है।
जब सरकार मनरेगा में पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य कर चुकी है, तो एक ही फोटो से बार-बार अटेंडेंस कैसे स्वीकार हो रही है? क्या इसमें उच्च अधिकारियों की भी मौन सहमति है?
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस ‘सफेद हाथी’ बन चुके प्रोजेक्ट और फील्ड ऑफिसर की कारगुजारियों पर क्या कार्रवाई करते हैं।

इस मामले में जब तिलक श्रीवास्तव से चौकीदार के फोन के माध्यम से बात की गई तब उनके द्वारा इस मामले को स्वीकार किया गया और बयान देने की बात भी कही गई लेकिन कई दिनों तक बयान के लिए घुमाने के बावजूद उनके द्वारा बयान नहीं दिया गया। बयान न मिलने के कारण अंतत उनके बयान के बिना ही इस न्यूज़ को प्रकाशित कर दिया गया है, लेकिन इस मामले में चौकीदार द्वारा अपना पक्ष रखा गया है और चौकीदार ने हो रहे सारे घोटाले की पोल खोल कर रख दी है। अगले अंक में हमारे द्वारा उनके द्वारा दिए गए बयान के साथ एक विस्तृत न्यूज़ चलाई जाएगी।

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