हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले के ग्राम चंदरपुर (तलवापारा) में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कोयले के धुएं से दम घुटने के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अकाल मृत्यु हो गई। मृतकों में पति, पत्नी और उनकी 4 वर्षीय मासूम बेटी शामिल है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम चंदरपुर निवासी कवल साय (30 वर्ष), उनकी पत्नी कुन्ती बाई (25 वर्ष) और उनकी 4 साल की बेटी बीती रात ठंड से बचने के लिए कमरे में कोयला (अंगीठी) जलाकर सोए थे।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने इस मकान में रोशनदान (Ventilation) की कमी थी। कमरा पूरी तरह बंद होने के कारण कोयले से निकलने वाली जहरीली गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) कमरे में भर गई, जिससे सोते समय ही तीनों का दम घुट गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों में शोक की लहर
सुबह जब घर के अन्य सदस्यों ने काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर अंदर देखा, तो उनके होश उड़ गए। तीनों के शव बिस्तर पर ही मिले। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में इस दुखद घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक तौर पर मौत का कारण दम घुटना ही लग रहा है, लेकिन मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरे में कोयला या लकड़ी जलाकर सोना जानलेवा हो सकता है। जलते हुए कोयले से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस निकलती है, जिसका कोई रंग या गंध नहीं होती, और यह चुपचाप इंसान को मौत की नींद सुला देती है।

