हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर भूषण बघेल: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पूर्व माध्यमिक शाला गणेशपुर में स्कूल के नियमित समय के दौरान छात्रों से नेताओं का स्वागत कराए जाने के मामले में प्रधान पाठक राम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जैसे ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
जांच में उजागर हुई बड़ी लापरवाही
मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा गठित जांच समिति ने की। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि प्रधान पाठक और अन्य संबंधित व्याख्याताओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल के नियमित समय में कांग्रेस नेता का स्वागत कराना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह शिक्षा के माहौल को भी दूषित करता है।
नारे, राजनीति और मासूम बच्चे
रिपोर्ट में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि छात्रों से ‘हसदेव बचाओ’ जैसे नारे भी लगवाए गए। शिक्षा विभाग ने इसे स्कूल परिसर और शिक्षा व्यवस्था के लिए पूरी तरह अनुचित करार दिया है।
जांच के आधार पर शासन को पत्र भेजकर अन्य व्याख्याताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
वायरल वीडियो ने खोली पोल
पूरा मामला सूरजपुर जिले का है, जहां कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया के स्वागत कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष शशि सिंह की मौजूदगी में स्कूली बच्चों को सड़क पर खड़ा कर स्वागत कराया गया।
स्कूल टाइम में बच्चों से नेताओं का स्वागत और नारेबाजी कराए जाने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासन की किरकिरी हो रही है।
स्कूल राजनीति का अखाड़ा नहीं
इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि स्कूलों में राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मासूम बच्चों को सियासी कार्यक्रमों में झोंकने वालों पर अब सस्पेंशन और कार्रवाई तय मानी जा रही है।



