हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद जनता को उम्मीद थी कि वर्षों से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों और बाबुओं पर कार्रवाई होगी और व्यापक तबादले किए जाएंगे। लेकिन जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ की स्थिति इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। यहां कर्मचारी से लेकर बाबू तक बरसों से एक ही जगह जमे हुए हैं, जबकि शासन की तबादला नीति केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है।
स्थानीय आम नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों के कारण कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। विकास कार्यों में देरी, पारदर्शिता की कमी और शिकायतों का अंबार इसी का परिणाम बताया जा रहा है। बावजूद इसके अब तक किसी ठोस कार्रवाई या बड़े तबादले की पहल नहीं की गई।
सूत्रों की मानें तो कई कर्मचारी वर्षों से प्रभाव और पहुंच के चलते अपने पद पर टिके हुए हैं। शासन-प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर तबादला नीति लागू क्यों नहीं हो पा रही है। जनता पूछ रही है—क्या शासन जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ में मेहमान बनकर रह गया है
अब देखना होगा कि शासन इस ओर कब ध्यान देता है और कब तक जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ में जमे अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई होती है, या फिर जनता की उम्मीदें यूं ही टूटती रहेगी।

