हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जल संसाधन विभाग द्वारा कल 57 उप अभियंताओं के तबादला आदेश जारी किए गए थे, पर आश्चर्य की बात यह है कि इस आदेश में जारीकर्ता के सिग्नेचर होने से पहले ही यह आदेश लीक हो गया और कई मीडिया संस्थानों द्वारा तबादले की इस खबर को प्रकाशित भी कर दिया गया। आपको बता दें कि यह तबादला आदेश उप सचिव रविंद्र मेढ़ेकर द्वारा जारी किया गया था लेकिन जारी आदेश में दिनांक और हस्ताक्षर नहीं थे। वहीं जब आज हिंद स्वराष्ट्र द्वारा इस मामले में खबर का प्रकाशन किया गया तो आनन फानन में विभाग द्वारा अवर सचिव विद्या भारती के डिजिटल हस्ताक्षर वाले आदेश को जारी कर दिया गया। इस आदेश को जारी करने के कुछ देर पश्चात विभाग द्वारा अपनी गलती स्वीकारते हुए उप सचिव रविंद्र मेढ़ेकर के डिजिटल हस्ताक्षर वाले आदेश को जारी कर दिया गया।
हालांकि विभाग द्वारा अपनी गलती को स्वीकार करते हुए अपनी गलती को सुधार लिया गया है लेकिन सवाल यह उठता है कि विभाग में ऐसा कौन है जो कि कुछ मीडिया संस्थानों का शुभचिंतक बना बैठा है और आदेश जारी होने से पहले ही आदेशों की प्रति उन तक पहुंचा रहा है। ऐसे लोगों पर उचित विभागीय कार्यवाही होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यदि उनके द्वारा आदेशों को पहले ही लीक कर दिया जा रहा है तो क्या भरोसा कि उनके द्वारा विभाग की गुप्त जानकारियां बाहरी लोगों को सांझा नहीं की जा रही होगी??
