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लॉकडाउन में आदिवासी ग्रामीणों ने श्रमदान कर बना ली 3 किमी सड़क

राजनांदगांव
देवशरण चौहान

कोरोना के संकटकाल में जहां लोग घरों में दुबक गए हैं, वहीं जिला मुख्यालय से करीब 120 किमी दूर मानपुर ब्लॉक के अंतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित आदिवासी गांव खुरसेकला के ग्रामीणों ने लॉकडाउन के दाैरान श्रमदान कर तीन किमी लंबी सड़क बना ली है। आजादी के बाद से पिछले करीब 70 वर्षों से ग्रामीण गांव में सड़क निर्माण की बाट जोह रहे थे। शासन-प्रशासन को दर्जनों बार आवेदन देकर थक चुके हैं। जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते भी ग्रामीण जब थक गए तो लॉकडाउन में गांव वालों ने बैठक करके खुद ही सड़क निर्माण करने का फैसला लिया। फिर क्या…? 15 से 20 दिनों में ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत कर श्रमदान से ही तीन किलाेमीटर लंबी सड़क बना डाली।

अब महज डेढ़ किमी का रास्ता ही बाकी रह गया है। इसे भी ग्रामीण दो-चार दिन में कम्प्लीट करने की तैयारी में है। ग्रामीणों से जब इस फैसले की पड़ताल की गई, तो इसमें गांव वालों की पीड़ा सामने आई।

थम नहीं रहा कोरोना का कहर प्रदेश में मिले 49 नए मरीज

रायपुर
छत्तीसगढ़ में आज 49 नये कोरोना मरीज मिले है। राजधानी रायपुर में आज भी 9 नये पोजेटिव मरीज मिले हैं। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 881 हो गयी है। वहीं छत्तीसगढ़ में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1447 हो गयी है। वहीं संक्रमित मरीजो में अब तक 560 पूरी तरह हुए ठीक हो गए है।

हालांकि संक्रमित मरीजों के बीच अच्छी खबर ये रही है कि आज कुल 95 मरीज स्वस्थय भी हुए हैं

जिलेवार मरीजों की संख्या अगर देखें तो कोरबा- 15 जांजगीर- 13 रायपुर- 9 दुर्ग- 3 बलौदाबाजार- 2 बलरामपुर- 2 राजनांदगांव- 1 धमतरी- 1 जशपुर- 1।

कलेक्टरों से सीएम नाराज, कहा काम नहीं कर सकते तो छोड़ दो नौकरी बिना काम के सैलरी लेने का कोई अधिकार नहीं

रायपुर
प्रशांत

कलेक्टर कांफ्रेंस में नजूल जमीन का नियमितिकरण का टारगेट पूरा न करने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कलेक्टरों पर बेहद नाराज हुए। सीएम की नाराजगी ऐसी थी कि वीडियोकांफ्रेंसिंग से जुड़े कलेक्टर सकपका गए।
राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए नजूल की खाली जमीनों की नीलामी या फिर बरसों से सरकारी जमीनों पर कब्जा किए लोगों का नियमितिकरण करने के लिए कहा था। इसके लिए कलेक्टरों को टारगेट दिया गया था। उसमें केटेगरी बनाते हुए गाइडलाइंस तय किया गया था। इसके तहत कलेक्टर 7500 वर्गफीट तक के प्लाट को रेगुलराइज कर सकते हैं।
पहले केटेगरी मेें सरकारी संस्थाओं को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन, उन्हें बाउंड्री वाॅल बनाना होगा। दूसरा, कोई स्थानीय निकाय, जो गाइडलाइंस रेट से 25 फीसदी अधिक राशि के साथ और तीसरा, प्रायवेट पार्टी को गाइडलाइंस दर पर। इसमें यदि एक प्लाट के लिए एक से अधिक लोग इच्छुक हों तो नीलामी किया जाए। और, यदि किसी के घर के पास अगर सरकारी जमीन है तो गाइडलाइंस रेट से डेढ़ सौ गुना अधिक रेट पर उसे बेचा जा सकता है।
अफसरों का कहना है कि राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनुसार सरकार अनुपयोगी जमीनों को बेच सकती है। इससे खाली जमीनों का उपयोग होगा और जो लोग बेजा कब्जा करके सालों से बैठे हैं, उनका नियमितिकरण होगा। साथ ही सरकार को पैसा मिल जाएगा। रायपुर शहर में 35 सौ एकड़ में बेजा कब्जा है। वोट बैंक के चलते कोई भी सरकार इन जमीनों को खाली नहीं करा सकती।
पिछले दिनों चीफ सिकरेट्री आरपी मंडल ने कलेक्टरों की वीडियोकांफ्रेंसिग ली थी। मंडल से सभी कलेक्टरों ने सेल्फ टारगेट दिया था। कुछ बड़े जिलों के कलेक्टरों ने तो 100-100 करोड़ देने कहा था। बिलासपुर के तत्कालीन कलेक्टर संजय अलंग हालांकि, टारगेट बताने में आगे-पीछे हुए तो उन्हें बात भी सुननी पड़ गई थी। लेकिन, हुआ वहीं। किसी भी कलेक्टर ने लक्ष्य तो दूर की बात दस फीसदी भी राजस्व नहीं दिया।
कोंडागांव जैसे आदिवासी जिले ने जरूर 9 लाख के लक्ष्य के विपरीत 13 करोड़ राजस्व दिया। कोंडागांव कलेक्टर नीलकंठ टेकाम को सरकार ने जरूर हटा दिया लेकिन, बड़ी संख्या में उन्होंने जमीनों का नियमितिकरण किया।
बताते हैं, कई कलेक्टरों ने तो खाता भी नहीं खोला। तो कुछ बड़े जिले के कलेक्टर 20 से 25 लाख रुपए में सिमट गए।
कलेक्टर कांफ्रेंस में जब ये मुद्दा आया तो सीएम भड़क गए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब काम नहीं कर सकते तो कलेक्टर पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं….छोड़ दें कलेक्टरी। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व नहीं दे सकते तो उन्हें वेतन लेने का भी हक नहीं।

जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश की अवहेलना कर निजी स्कूल कर रहे हैं जबरन फीस वसूली।

अम्बिकापुर
समरेश प्रजापति

प्रशासन का आदेश👇

प्रशासन के सख्त आदेश के बाद भी प्रदेश में कुछ स्कूल प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं मामला अंबिकापुर के एक निजी स्कूल होली क्रॉस हायर सेकेण्डरी स्कूल का है जहां लॉकडाउन में बच्चों से फीस वसूलने का मामला सामने आया है।
गौरतलब है कि जिला शिक्षा अधिकारी अंबिकापुर द्वारा 8/6/ 2020 को सभी निजी स्कूलों को यह आदेश जारी किया गया था कि लॉक डाउन के समय बच्चों से फीस न ले परंतु स्कूल की मनमानी का आलम ये है कि होली क्रॉस हायर सेकेण्डरी स्कूल द्वारा मैसेज भेज कर अभिभावकों से फीस वसूली का काम किया जा रहा है।

अभिभावकों को भेजा गया मैसेज👇

कोरोना वायरस का क्रिकेट पर कहर, टीम इंडिया के दो दौरे हुए रद्द।

दिल्ली
देवशरण चौहान

Coronavirus महामारी की वजह से Team India के श्रीलंका और जिम्बाब्वे के दौरों को रद्द कर दिया गया है।
Coronavirus का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस महामारी की वजह से भारतीय क्रिकेट टीम की दो सीरीज रद्द हो गई। BCCI ने शुक्रवार को घोषित किया कि कोरोना वायरस की वजह से भारतीय क्रिकेट टीम के श्रीलंका और जिम्बाब्वे दौरों को रद्द किया जा रहा है।

Team India को 24 जून से श्रीलंका के खिलाफ तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलना थी। इसके बाद उसकी 22 अगस्त से जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज थी।

इससे पहले श्रीलंकाई दौरे के कैंसिल होने की पुष्टि खुद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने की थी। पहले ऐसा माना जा रहा था कि टीम इंडिया अगस्त में श्रीलंका का दौरा कर सकती है लेकिन दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड ने यह फैसला किया कि वर्तमान परिस्थितियों में यह सीरीज हो पाना संभव नहीं है और इसी वजह से इसे रद्द किया गया। बीसीसीआई ने कहा कि वो इस सीरीज को बाद में खेलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

BCCI ने शुक्रवार को प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि बोर्ड अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट को फिर से शुरू करने की दिशा में कदम उठाने के लिए दृढ़ है, लेकिन बोर्ड किसी भी निर्णय में जल्दबाजी कर खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को खतरे में नहीं डालेगा। बीसीसीआई सबसे पहले अपने कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ियों के लिए हालात पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद आउटडोर कैंप आयोजित करेगी।

बीसीसीआई के अधिकारी भारत सरकार द्वारा जारी सलाह-पत्रों पर ध्यान देते रहे हैं और बोर्ड जारी प्रतिबंधों और दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। BCCI बदलती स्थिति का अध्ययन और मूल्यांकन करना जारी रखेगा। बोर्ड सिर्फ द्विपक्षीय सीरीज ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे महंगी टी20 लीग यानी आईपीएल के 13वें सीजन के आयोजन के लिए भी प्रतिबद्ध है, जो पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जा चुका है।

लॉक डाउन में पूरी सैलरी मिलेंगी या कटेगा वेतन, सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

दिल्ली
देवशरण चौहान

Lockdown में Full Salary मिलेगी या कटेगा वेतन, सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा बड़ा फैसला
Lockdown full salary:
सरकार चाहती है कि पूरा वेतन दिया जाए, जबकि कंपनियां छूट चाहती है, क्योंकि उनकी भी हालत खराब है।
Lockdown लगने के बाद केंद्र सरकार ने कंपनियों से कहा था कि कर्मचारियों का वेतन न काटा जाए। इसके खिलाफ कुछ कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट (SC) का दरवाजा खटखटाया था। अब सुप्रीम कोर्ट मामले से जुड़ीं विभिन्न याचिकाओं पर शुक्रवार को अहम सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यह स्पष्ट हो जाएगा कि 54 दिनों की Lockdown की अवधि में, काम नहीं होने के बाद भी, कंपनियां कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के लिए बाध्या होंगी या नहीं? गृह मंत्रालय के आदेश को चुनौती देने वाली कंपनियों की याचिकाओं पर जस्टिस अशोक भूषण, संजय किशन कौल और एमआर शाह की खंडपीठ फैसला सुनाएगी।

Lockdown में Full Salary, जानिए क्या हुआ था आखिरी सुनवाई में

बीती चार जून को इस मामले में आखिरी सुनवाई हुई थी। तब केंद्र सरकार ने ने अपने हलफनामे में कहा था कि उसकी 29 मार्च की अधिसूचना असंवैधानिक नहीं है। इस आदेश में वेतनभोगी और निचले वर्ग के श्रमिकों, कामगारों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सरकार ने विधि सम्मत तरीके से यह फैसला लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थायी प्रावधान नहीं था और केवल लॉकडाउन की अवधि के लिए ही था। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों का रुख जानने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। कंपनियों का कहना था कि सरकार ने जरूरी चीजों से जुड़े कामकाज और सेवाएं जारी रखने का आदेश दिया था, लेकिन वेतन न काटे जाने की शर्त जानने के बाद कई कर्मचारी जानबुझ कर काम पर नहीं लौटे। यही कारण है कि कंपनियां पूरा वेतन नहीं देना चाहतीं।

कंपनियों की ओर से यह भी कहा गया कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन उनकी कमर तोड़कर रख दी है। ऐसे में पूरा वेतन देने की बाध्यता उनकी बैलेंस शीट को और बिगाड़ देगी।

देश फिर से लॉक डॉउन की ओर,पंजाब सरकार ने की पंजाब में लॉक डाउन की घोषणा

•देश में करोना संक्रमित की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है तथा देश में लाकडाउन की जरूरत नजर आने लगी हैं।
• इसी क्रम में पंजाब सरकार ने लॉक डाउन की घोषणा की है।

•दिल्ली में संक्रमितो की संख्या को देखते हुए दिल्ली सरकार भी कर सकता है लॉकडाउन का फैसला ।

पंजाब

पंजाब में बढ़ रहे करोना वायरस के मामलों को देखते हुए सरकार ने एक सख्त कदम उठाया है।
पंजाब सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए लॉक डाउन की घोषणा कर दी है परंतु यह लॉकडाउन फेस वन जितना सख्त नहीं होगा।

सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पंजाब में वीकेंड और पब्लिक होलीडे पर पूरी तरह से लॉकडाउन रहेगा यानी कि शनिवार और रविवार तथा सरकारी अवकाश पर पूरी तरह से लॉक डाउन रहेगी तथा मेडिकल सुविधाओं को छोड़कर अन्य सभी दुकाने बंद रहेंगी।
इसके साथ ही इन दिनों पर राज्य में ट्रांसपोर्ट पर भी पूर्णत: रोक रहेगी आदेश के अनुसार सिर्फ उन्हीं लोगों को आने जाने दिया जाएगा जिनके पास ई पास होगा इसके अलावा पंजाब सरकार ने साफ किया है कि औद्योगिक इकाइयां हफ्ते में 7 दिन खुली रहेंगी।
बता दें कि सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद पंजाब में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है फिलहाल राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2805 है जबकि इस महामारी से अब तक 55 लोगों की जानें जा चुकी है सरकार द्वारा चलाए जा रहे लॉक डाउन मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित रखना है।

छत्तीसगढ़ पूरी तरह से असुरक्षित प्रदेश में एक भी जिला ग्रीन जोन में नहीं

भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जिलों एव विकासखंडों को सक्रिय प्रकरणों की संख्या, प्रकरणों के दुगने होने की दर सैंपल जांच प्रति लाख जनसंख्या के आधार पर विकास खंडों को रेड ,ऑरेंज और ग्रीन जोन में बाटा है जहां 19 जिले को 68तहसीलों को रेड जोन में है तथा 23 जिलों के 49 तहसीलों को ऑरेंज में रखा गया है।

1 महीने से बच्चों को पढ़ा रही थी ट्यूशन, टीचर निकली कोरोना पॉजिटिव।

बिलासपुर

सीपत के नवाडीह चौक क्षेत्र बमें रहने वाली 39 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव महिला एक महीना पहले झारखंड से आई थी। इसके बाद आसपास के बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रही थी। उसके संक्रमित होने की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
सीपत के नवाडीह चौक में रहने वाली महिला ने चार मई को झारखंड से कार के माध्यम से वापसी की थी। उसने अपनी ट्रेवल हिस्ट्री की जानकारी जिला प्रशासन को नहीं दी। इसके बाद वह क्षेत्र के कुछ बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाने लगी। कुछ दिन पहले अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसमें कोरोना वायरस के लक्षण दिखने लगे। धीरे-धीरे वह सर्दी-बुखार, खांसी और गले में खरास की समस्या से ग्रस्त हो गई तब इसकी जानकारी मस्तूरी स्वास्थ्य विभाग को दी गई। आठ जून को उसका सैंपल लिया गया। उसकी हालत को देखते हुए तत्काल रिपोर्ट मांगी गई थी। सोमवार की शाम मिली रिपोर्ट में उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की गई।
इससे सीपत क्षेत्र के नवाडीह चौक में हड़कंप मच गया है। जानकारी लगते ही आपदा प्रबंधन की टीम ने संपर्क में आने वालों की सैंपलिंग की गई है। अब महिला से ट्यूशन पढ़ने वाले बच्चों को जानकारी ली जा रही है। इनका भी सैंपल लिया जाएगा।

बीईओ दफ्तर में मारपीट करने वाले कर्मचारियों पर गिरी गाज, संयुक्त संचालक ने तीनों किया सस्पेंड, बीईओ सभी मांगा जवाब….

सूरजपुर

सूरजपुर जिले के भैयाथान बीईओ कार्यालय में 1 जून को 2 क्लर्क एवं एक कंप्यूटर ऑपरेटर के मध्य मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले की जांच के बाद लोक शिक्षण सरगुजा अंबिकापुर के संभागीय संयुक्त संचालक ने 2 क्लर्क व एक कंप्यूटर ऑपरेटर को निलंबित कर दिया है, जबकि बीईओ को नोटिस भेज कर जवाब तलब किया है।

लोक शिक्षण सरगुजा अंबिकापुर के संभागीय संयुक्त संचालक ने बताया कि भैयाथान बीईओ कार्यालय में पदस्थ निलंबित ( सहायक ग्रेड-2 हरेश कुमार पैकरा, सहायक ग्रेड-3 राजू लकड़ा तथा कंप्यूटर ऑपरेटर कृष्णा कुशवाह शामिल है।

अपने आदेश में उन्होंने बताया है कि तीनों के द्वारा कार्यालय में गाली-गलौच एवं मारपीट का अशोभनीय आचरण करने के कारण सिविल सेवा अधिनियम-1965 के नियम 3(1)एवं नियम तीन-(क) तथा (ग) के उल्लंघन का प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने के कारण छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय के आदेश के तहत प्रत्यायोजित अधिकारों का प्रयोग करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम-1966 के उप-नियम 9(1)(क) के तहत् तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित किया जाता है।

सूरजपुर बीईओ कार्यालय में किया अटैच किया गया

संयुक्त संचालक ने निलंबन अवधि में सहायक ग्रेड 2 और 3 तथा कंप्यूटर ऑपरेटर का मुख्यालय बीईओ कार्यालय सूरजपुर नियत किया है। इस दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

बीईओ से मांगा जवाब

संभागीय संयुक्त संचालक ने विकासखंड भैयाथान के प्रभारी विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी फूलसाय मरावी से कार्यालयीन अनुशासनहीनता की घटना के संबंध में जवाब मांगा है।

उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर के पत्र और प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंगौटी, भैयाथान का 8 जून को प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर पूछा है कि 1 जून 2020 को घटित अशोभनीय घटना में स्टॉफ पर नियंत्रण रखने तथा कार्यालय संचालन एवं कार्यालयीन प्रशासनिक कार्य निष्पादन में असफल रहे हैं।
कार्यालय में अमले के बीच गुटबाजी को रोकने में असमर्थ रहे हैं। कार्यालयीन लिपकीय स्टॉफ के होते हुए भी शिक्षक प्रशांत गुप्ता को संलग्न रखकर कार्यालयीन कार्यों का दायित्व सौंपा गया है।
आपके उपरोक्त कृत्यों के कारण कार्यालयीन मर्यादा के उल्लंघन की घटना रोकी नहीं जा सकी और विभाग की छवि धूमिल हुई। अत: आप इस सूचना पत्र के प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करें।

पांचवें दिन भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बड़ी

नई दिल्ली: ये बात तय हो गई है कि देश में आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ेगी. तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पांचवें दिन भी पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) के दामों में इजाफा कर दिया है. गुरुवार को दिल्ली में पेट्रोल के दाम 60 पैसे बढ़कर 74 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए. जबकि डीजल की कीमतों में 60 पैसे की तेजी आई है. इस तरह 5 दिन में पेट्रोल 2.74 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.83 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है.

आज पेट्रोल के दाम
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव (Petrol rate) 74 रुपये लीटर हो गया है और डीजल (Diesel rate) 72.22 रुपये लीटर हो गया है. इन पांच दिनों दिल्ली में पेट्रोल 2.74 रुपये लीटर महंगा हो गया, तो डीजल की कीमत 2.83 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है. उधर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में एक दिन की गिरावट के बाद फिर तेजी देखी जा रही है. जिससे तेल के दाम में आगे और इजाफा होने की संभावना बनी हुई है. पिछले सत्र में मुनाफावसूली के चलते बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में 5.89 फीसदी की गिरावट आई थी.

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल की कीमत मंगलवार को बढ़कर क्रमश: 74 रुपये, 75.94 रुपये, 80.98 रुपये और 77.96 रुपये प्रति लीटर हो गई. वहीं, डीजल का दाम भी चारों महानगरों में बढ़कर क्रमश: 72.22 रुपये, 68.17 रुपये, 70.92 रुपये ओैर 70.64 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

रिश्वत लेना पड़ा महंगा, बीईओ ऑफिस का लेखापाल रंगे हाथों गिरफ्तार

आज एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बीईओ ऑफिस के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है, पकड़ा गया आरोपी दिवंगत कर्मचारी के परिवार वालों से रिश्वत की मांग कर रहा था, दिवंगत कर्मचारी के परिजनों की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया ।
फिलहाल अभी उस अधिकारी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम भ्रष्टाचार के अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी में जुट गई है।

एंटी करप्शन ब्यूरो अम्बिकापुर के डीएसपी गौरव मंडल में बताया कि शिकायतकर्ता युवती ने एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, श्री मंडल ने बताया कि लूंड्रा स्थित बीईओ कार्यालय में पदस्थ लेखापाल पटेल राम राजवाड़े द्वारा दिवंगत पिता के जीपीएफ, ग्रेजुएटी और अवकाश नगदी जैसे राशि निकालने के नाम पर उनको 4 साल तक घुमाता रहा तथा अंततः 10000 की रिश्वत की मांग की तथा आश्वासन दिया कि सारा काम हो जाएगा, लेकिन इसी दौरान दिवंगत हेडमास्टर के बेटी ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय अम्बिकापुर में की, तथा आज एंटी करप्शन ब्यूरो अम्बिकापुर के अधिकारियों ने प्रार्थी को रिश्वत की रकम लेकर भेजा तथा बीईओ कार्यालय के लेखापाल पटेल राम राजवाड़े को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।

जशपुर में विकास कार्यों के लिए 34 लाख ₹50 हजार रुपए स्वीकृत

जशपुर
देवशरण चौहान

जशपुर कलेक्टर श्री महादेव कावरे द्वारा राज्य ग्रामीण विकास प्राधिकरण मद से जशपुर जिले के विभिन्न विकासखंडो के लिए 34 लाख 50 हजार राशि के स्वीकृत की गयी है कार्यो का ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उप संभाग जशपुर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने पर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। जिसके अंतर्गत जशपुर विकासखंड के लिए कुल 14 लाख 50 हजार की राशि एवं विकासखंड कुनकुरी एवं पत्थलगांव के लिए 10-10 लाख रूपए की राशि प्रदान की गई है।
इससे जशपुर जिले में विकाश कार्यों को मदद मिलेगी।

आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में सास ससुर और देवर गिरफ्तार

जशपुर
देवशरण चौहान

जशपुरनगर – विवाहिता के आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नौ माह के लंबी जांच के बाद मृतिका के सास,ससुर और देवर के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का अपराध कायम करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।
लोदाम चौकी क्षेत्र के ग्राम तुरी लोदाम निवासी संगीता सिंह (21) पति मुकेश सिंह ने अपने घर के पीछे स्थित जंगल में 7 अगस्त 2019 को आत्महत्या कर ली थी।
कोतवाली प्रभारी एलएस धुर्वे ने बताया कि मृतिका के मायके पक्ष के परिजनों ने प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इस विवाद की स्थिति को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने घटना की सूचना एसडीएम को देते हुए मजिस्ट्रेट जांच कराई थी। जांच में मृतिका के पति,सास,ससुर के साथ मायके व पड़ोसियों का बयान कलमबद्व किया गया था, इस बयान के आधार पर मृतिका के ससुर आरोपित हरिहर सिंह और देवर नीतेश सिंह के साथ उसकी सास के खिलाफ धारा 306 के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए गिरफ्तार किया गया है। थाना प्रभारी श्री सिंह ने बताया कि मामले की जांच के बाद सामने आया कि घटना से कुछ माह पहले संगीता सिंह का बच्चा बीमारी का शिकार होकर मर गया था। आरोपित इस घटना के लिए संगीता सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए ताना कसकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहते हैं। संगीता इससे बेटे को खोने के गम के साथ तनाव में भी रहा करती थी। इस मानसिक तनाव के कारण विवाहिता ने आत्मघाती कदम उठाया था। आरोपितों को न्यायालय के निर्देश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कर दिया गया है।

मामले में सभी पक्षों का बयान दर्ज करने और जांच के बाद मृतिका की सास, ससुर और देवर को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में गिफ्तार कर लिया गया है।
एलएस धुर्वे,कोतवाली प्रभारी,जशपुर।

ED की बड़ी सफलता नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के 1350 करोड़ के हीरे जवाहरात जैसे कीमती समान भारत लाए गए

नई दिल्ली

ED ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नीरव मोदी  और मेहुल चौकसी के 1350 करोड़ रुपए के हीरे-जवाहारात और मोती जैसे कीमती सामान को वापस भारत लाने में सफलता पाई है. नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का ये सामान दुबई में रखा था और जब PNB घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ मामला दर्ज कर एजेंसी ने जांच शुरू की थी तो दोनों आरोपियों ने इस सामान को दुबई से हांगकांग भेज दिया था, क्योंकि दुबई से तो काफी सामान ED ने जब्त कर भारत मंगवा लिया था लेकिन 1350 करोड़ की कीमत का ये सामान हांगकांग पहुंच गया था.  
नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के इस सामान को हांगकांग भेजे जाने की भनक ED को  जुलाई 2018 में ही लग गयी थी और तब से ही लगातार हांगकांग सरकार और वहां की एजेंसी से इस सामान को भारत वापस लाने की कोशिश की जा रही थी जिसमें आज सफलता मिली और ये 1350 करोड़ रुपए की कीमत का सामान, जिसका वजन 2340 किलो है, वापस मुंबई पहुंच गया।
भारत वापस लाए गए 108 कंसाइनमेंट में से 32 नीरव मोदी के हैं और 76 मेहुल चौकसी के हैं. इससे पहले भी ED नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के 33 कंसाइंटमेंट को दुबई और हांगकांग से जब्त कर वापस भारत लाई थी, जिसकी कीमत 137 करोड़ थी।
नीरव मोदी इस समय लंदन की जेल में बंद है और मेहुल चौकसी ने एंटिगा की नागरिकता ले ली है और वहां छिपा हुआ है. दो दिन पहले ही यानी 8 जून को ही मुंबई की स्पेशल PMLA कोर्ट ने नीरव मोदी की 1400 करोड़ की संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया था

बिना राशन कार्ड प्रवासी मजदूरों को मिलेगा 2 महीने का मुफ्त राशन

भारत सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ा एलान किया है. दो महीने के लिए प्रवासी मजदूरों को फ्री अनाज दिया जाएगा. जिन मजदूरों का राशन कार्ड नहीं बना हुआ है, उन्हें भी प्रति व्यक्ति 5 किलो राशन और 1 किलो चना हर महीने 2 महीने तक जरूर मिलेगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को लाभ होगा.
वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को इसका एलान किया. इस दौरान वित्‍त राज्‍यमंत्री अनुराग ठाकुर मौजूद रहे. 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के दूसरे चरण के तहत ये एलान किए गए. गुरुवार को तमाम घोषणाएं प्रवासी श्रमिकों, सड़क के किनारे स्टॉल या रेहड़ी लगाने वालों, छोटे व्यापारियों, स्वरोजगार वालों और छोटे किसानों पर केंद्रित रहींं.
सरकार ने कहा है कि प्रवासी मजदूरों को अनाज की आपूर्ति का पूरा खर्च वह वहन करेगी. इस पर सरकार दो महीने के लिए 3500 करोड़ रुपये खर्च करेगी. राज्‍य सरकारों पर इसके कियान्‍वयन का जिम्‍मा होगा. वही प्रवासी मजदूरों की पहचान करेंगे.
सीतारमण ने कहा, ”8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के राशन के लिए 3500 करोड़ का प्रावधान सरकार करने जा रही है. प्रति व्यक्ति 2 महीने मुफ्त 5-5 किलो चावल और गेहूं और 1 किलो चना प्रत्येक परिवार को दिया जाएगा.”
राशन उपलब्‍ध कराने के लिए टेक्‍नोलॉजी सिस्‍टम का इस्‍तेमाल किया जाएगा. वित्‍त मंत्री ने कहा कि दूसरे राज्‍यों में रह रहे प्रवासी परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिलने वाले राशन को नहीं ले पाते हैं. इसके लिए वन नेशन वन राशन कार्ड का एलान किया गया है.

अलकायदा के निशाने पर हिंदूवादी नेता और मंत्री

नई दिल्ली.
मृण्मयी पाण्डेय
आतंकी संगठन अलकायदा लोन वुल्फ अटैक के जरिए भारत में बड़ी तबाही मचाने की साजिश रच रहा है। सरकार के बड़े मंत्री, अफसर, हिंदूवादी नेता और सुरक्षा एजेंसी से जुड़े लोग अलकायदाके निशाने पर हैं।अलकायदा ने बांग्लादेश में कट्‌टर इस्लामिक सोच के छात्रों और प्रोफेशनल युवाओं को ऑनलाइन ट्रेनिंग कंटेंट बनाने की जिम्मेदारी दी है।

इस बात काखुलासा बुधवार को आई न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में हुआ।खुफिया एजेंसी के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी कोबताया कि इस तरह के ऑनलाइन ट्रेनिंग कंटेंटके जरिए भारत में जिहादी सोच रखने वाले युवाओं को लोन वुल्फ अटैकके लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। इसी के तहत पिछले दिनों कुछ वीडियो और ऑडियो अलग-अलग वेबसाइट्स पर पोस्ट भी किए गए थे।

वीवीआईपी की सुरक्षा में लगे एजेंसियों को सतर्ककिया
खुफिया एजेंसियों ने इनपुट के आधार पर देश के सभी वीवीआई की सुरक्षा मजबूत करने को कहा है। इनकी सुरक्षा में लगे जवानों को हमेशा सतर्क रहने के लिए कहा गया है। वीवीआई से मिलने के लिए आने-जाने वाले सभी लोगों पर नजर रखने और उनकी तलाशी लेने का आदेश दिया गया है। सुरक्षाबलों को यह भी हिदायत दी गई है कि वह किसी तरह से भी भय का माहौल न बनने दें।

कश्मीर में आतंकियों के एनकाउंटर से बौखलाया अलकायदा
कश्मीर में लगातार आतंकियों का खात्मा होता देख आतंकी संगठन अलकायदा बौखलाने लगा है। यही कारण है कि उसने देश में दहशत फैलाने के लिए अब लोन वुल्फ अटैकका सहारा लेने की कोशिश में है। इस साल जनवरी से लेकर अब तक कश्मीर में अलग-अलग एनकाउंटर में करीब 100 आतंकवादी मारे जा चुके हैं। इनमें 8 से ज्यादा आतंकी संगठन के टॉप कमांडर थे।

ऐसे होता है लोन वुल्फ अटैक

लोन वुल्फ अटैकर्स के दिमाग को पूरी तरह से कट्टरपंथी सोच से भर दिया जाता है।
उन्हें जितना कहा जाएगा उतना ही वह करेंगे। उसके आगे उन्हें समझनाऔर सोचना नहीं होता।
लोन वुल्फअटैकको बिना टीम के अंजाम दिया जाता है। मतलब अकेला आतंकी पूरे हमले को अंजाम देता है।
इस अटैक में सभी तरह के हथियारों का प्रयोग किया जा सकता है। आतंकी का मकसद टारगेट के साथज्यादा से ज्यादा लोगों को क्षति पहुंचाना होता है।

थम नहीं रहा कोरोना वायरस का आतंक, बलरामपुर जिले में मिले 10 नए मरीज।

बलरामपुर
समरेश प्रजापति

बलरामपुर जिले में फिर कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट सामने आयी है। यहां एक साथ 10 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
5 पॉजिटिव रामचंद्रपुर ब्लॉक में मिले हैं, ये सभी आईटीआई स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरे थे। जबकि 2 पॉजिटिव शंकरगढ़ क्वारेंटाइन सेंटर, 2 चलगली क्वारेंटाइन सेंटर व 1 रघुनाथनगर क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरे थे।

ये पांचों वाड्रफनगर विकासखंड के निवासी हैं। सभी का सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजा गया था। वहां से रिपोर्ट आते ही स्वास्थ्य अमले में हडक़ंप मच गया। सभी को अंबिकापुर कोविड अस्पताल भेजे जाने की तैयारी चल रही है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिवों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बलरामपुर जिले में एक साथ 10 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। 5 पॉजिटिव रामचंद्रपुर विकासखंड स्थित आईटीआई विशुनपुर के क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरे थे। सभी प्रवासी मजदूर हैं।

जिनकी उम्र 18 वर्ष, 50 वर्ष, 45 वर्ष, 25 वर्ष व 54 वर्ष है। जबकि 2 मरीज शंकरगढ़ स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरे थे। इनमें से 42 वर्षीय ग्रामीण वाड्रफनगर विकासखंड के रघुनाथनगर तथा दूसरा 27 वर्षीय युवक शंकरपुर का रहने वाला है।
इसके अलावा रघुनाथनगर क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरा 18 वर्षीय युवक, तथा चलगली क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरे शंकरपुर निवासी 26 वर्षीय युवक तथा बरतीकला के बूढ़ाडांड़ निवासी 33 वर्षीय युवक शामिल हैं। सभी को कोविड अस्पताल भेजने की तैयारी चल रही है।
रिपोर्ट आने से पहले ही दे दी गई थी छुट्टी

चेन्नई से लौटे युवक को दे दी गई थी छुट्टी
वाड्रफनगर विकासखंड के रघुनाथनगर क्वारेंटाइन सेंटर में 18 वर्षीय जिस युवक में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई है, वह चेन्नई से लौटा था। 14 दिन की क्वारेंटाइन अवधि पूर्ण कर लेने के बाद उसे सेंटर से 9 जून को ही छुट्टी दी गई थी, जबकि उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आई थी।

इसी बीच 10 जून को उसका रिपोर्ट पॉजिटिव आ गया। इससे स्वास्थ्य अमले में हडक़ंप मच गया। फिर युवक को उसके गांव बसंतपुर थानांतर्गत ग्राम रूपपुर से बरामद किया गया।

छात्रों के 3 माह का किराया माफ करने अभाविप सरगुजा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन….

अंबिकापुर (समरेश प्रजापति)

देश में कोविड-19 के चलते लॉकडाउन चल रहा है ऐसे में सभी शिक्षण संस्थाएं स्कूल,कॉलेज भी बंद है। अम्बिकापुर में बहुत से विद्यार्थी ऐसे है जो दूरस्थ क्षेत्रों से आकर किराये के मकान में रहकर अध्ययन कर रहे है और वर्तमान में लॉकडाउन के कारण 3माह से अपने घर पर है परन्तु मकान मालिक द्वारा लगातार किराये लिये दबाव बनाया जा रहा है,जिससे छात्र मानसिक रूप से काफी परेशान है अभाविप अम्बिकापुर ने छात्रों की समस्या को ध्यान में रखकर जिलाधीश श्री संजीव कुमार झा को ज्ञापन सौंपकर 3माह का किराया माफ करने तथा अनावश्यक मानसिक दबाव बनाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने की मांग की है।
जिलाधीश श्री संजीव कुमार झा को ज्ञापन सौंपने वालो में प्रमुख रूप से अभाविप के विभाग संयोजक उपेन्द्र यादव,जिला संगठन मंत्री मनीष पुनाचा, नगर मंत्री अतीष पांडेय,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अश्विनी चौबे,वेदांश पांडेय,सत्यम सोनी,अजय सिंह एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे ।

कोरिया जिले के सारे अधिकारी कोरोना से बेखौफ….

कोरिया. पूरे देश में कोरोना से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, लाखों मरीज जिंदगी और मौत से अस्पताल में लड़ रहे है. लेकिन छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम और एसपी समेत दर्जनों अफसर ऐसे है जिन्हें देखकर लगता है मानों कोरोना इन अधिकारियों का दोस्त हो और वे इसे अपनी जेब में लेकर चलते है.
ऐसा इसलिए क्योंकि जिले के जो अधिकारी जनता के सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने समेत अन्य के आदेश जारी करते है, वे खुद ही इसका पालन नहीं करते. इतना ही नहीं प्रदेश सरकार ने चार पहिया वाहनों में केवल दो लोगों को सवार होने की अनुमति दी है, लेकिन ‘सैय्या भय कोतवाल तो डर काहे का’ की तर्ज पर ये अधिकारी बोटिंग करते हुए सेल्फी ले रहे है वह भी बिना मास्क है.
दरअसल बैकुंठपुर जिला मुख्यालय स्थित झुमका बोट क्लब गार्डन में 12 सीटर वाली नाव में जिले के बड़े अधिकारी सहित कुल 15 लोगों लोग सवार है. जिसमें कोरिया कलेक्टर एसएन राठौर ,एसपी चंद्र मोहन सिंह , जिला पंचायत सीईओ तूलिका प्रजापति ,एसडीएम बैकुंठपुर एएस पैकरा, एसडीएम खड़गवां पीवी खेश, चिरिमिरी निगमायुक्त सुमन राज, एसडीओपी मनेंद्रगढ़ कर्ण ऊइके, सीएमओ ज्योत्सना टोप्पो सहित कई अफसर मौजूद है. बोटिंग करने के दौरान कई अधिकारियों ने मास्क तक नहीं पहना और सोशल डिस्टेंसिंग तो छोड़ दीजिए.
जानकारी के मुताबिक ये तस्वीर रविवार 7 जून की है. लेकिन ऐसा कलेक्टर समेत अन्य अधिकारी कर रहे है तो भला उन पर कार्रवाई कौन करेगा ? लेकिन ऐसी ही कोई गलती आम नागरिक कर दें तो न जाने ये साहब कितनी अदालती हाजरी लगवाते और कई धाराओं में मामला दर्ज कर उनसे जुर्माना भी वसूलते.

खाद्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही, हो रहा खाद्य घोटाला

सीतापुर….

कोरोना संकट की घड़ी में जारी लॉक डाउन के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा राशनकार्ड धारक हेतु आवंटित राशन में से सेल्समैन ने एक माह का राशन डकार लिया.. साथ ही उसने समय का नाजायज फायदा उठाते हुये हितग्राहियों से 30 रुपये की जगह 40 रुपये प्रति लीटर मिट्टी तेल में अवैध उगाही की.

जबकि यह क्षेत्र प्रदेश के कद्दावर खाद्यमंत्री अमरजीत भगत का विधानसभा क्षेत्र है.. और उन्होंने राशन वितरण को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिये हुये है.. इसके बाद भी सेल्समैन अपने कृत्य से बाज नही आ रहे है. इस बात की जानकारी मिलने पर सेल्समैन के विरुद्ध ग्रामीणों में काफी आक्रोश है.. उन्होंने सेल्समैन पर मौके का नाजायज फायदा उठा राशन गबन करने एवं मिट्टी तेल बिक्री में निर्धारित डर से ज्यादा उगाही करने का आरोप लगा जाँच की माँग की है.

प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम नवापारा निवासी मंजूषा बाई पति रविशंकर के नाम से अप्रेल एवं मई में 42-42 किलो चावल आवंटित हुआ था.. एवं माह जून में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा मिलाकर कुल 60 किलो चावल आवंटित हुआ था.. साथ मे अप्रेल-मई के 18-18 किलो चावल केंद्र सरकार की ओर से निःशुल्क जारी हुआ था. आवंटन के तहत तीनो माह का मिलाकर हितग्राही को 180 किलो चावल मिलना था.. लेकिन सेल्समैन ने उसे मार्च अप्रेल का मिलाकर 84 किलो एवं मई जून का मिलाकर 96 किलो चावल मात्र दिया.

जबकि कार्डधारी को मार्च में 42 किलो एवं अप्रेल से जून तक केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से मिलने वाला निःशुल्क चावल 180 किलो कुल मिलाकर 222 किलो चावल मिलने चाहिये थे.. किंतु सेल्समैन ने कुल 180 किलो चावल मात्र दिया 42 किलो गायब कर दिया. इस बात की जानकारी जब कार्डधारी मंजूषा के पति रविशंकर को लगी तो उसने इस मामले में सेल्समैन पर शासकीय राशन की हेराफेरी कर गरीबो का हक मारने का गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि सेल्समैन नवापारा के अलावा भुषु गाँव मे भी शासकीय राशन दुकान संचालित करता है. इसने गाँव के अन्य भोलेभाले लोगो के साथ भी ऐसा कर राशन की हेराफेरी की होगी. इसलिये राशन वितरण की जाँच होना चाहिये. उसने चावल वितरण में हेराफेरी करने एवं मिट्टी तेल बिक्री में मे 30 रुपये की जगह 40 रुपये प्रति लीटर की दर से अवैध उगाही करने वाले सेल्समैन के विरुद्ध जाँच की माँग की है.

खाद्यमंत्री की मेहनत पर पानी फेर रहे सेल्समैन

कोरोना संकट के दौरान पूरे प्रदेश खासकर अपने विधानसभा क्षेत्र में राशन वितरण को लेकर बेहद गंभीर खाद्यमंत्री अमरजीत भगत के मेहनत पर उन्ही के क्षेत्र के सेल्समैन पानी फेर दे रहे है. कोरोना संकट के दौरान लॉक डाउन से जूझ रहे लोगो को भूख से बचाने संवेदनशील खाद्यमंत्री ने राशनकार्ड धारको को अप्रेल से जून तक तीन माह का निःशुल्क चावल उपलब्ध कराया है.. ताकि कोई भूखा ना सोये न भूखों ना मरे राशन वितरण में कोई धांधली न कर सके इसके लिये.. उन्होंने सख्त निर्देश भी दे रखे है. किंतु राशन दुकान चलाने वाले सेल्समैनों ने यहाँ भी नही बख्शा और खाद्यमंत्री के मेहनत पर पानी फेरते हुये लोगो के हिस्से का राशन की हेराफेरी करने से बाज नही आ रहे है. नावापारा के अलावा देवगढ़ में भी राशन की हेराफेरी का मामला सामने आया है.. जहाँ सेल्समैन ने लोगो के हिस्से में आवंटित चावल मे कटौती करते हुये राशन वितरण किया है.

इस संबंध में खाद्य निरीक्षक अनूप कुमार ने पूरे मामले की जाँच करने की बात कही है.

कोरोना संक्रमण से विधायक की मौत, अपने जन्मदिन के दिन ही ली अंतिम सांस

नई दिल्ली
कोरोना वायरस की वजह से किसी जन-प्रतिनिधि की मौत का भारत में पहला मामला निकलकर सामने आया है. तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र (DMK) के विधायक जे. अंबाज़गन की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है. आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली और आज ही उनका जन्मदिन भी था. खुशी का माहौल मातम में पसर गया।

जानकारी के मुताबिक विधायक अंबाज़गन एक हफ्ते पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. जिसके बाद चेन्नई के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था. बुधवार सुबह करीब 7 बजे उनका निधन हो गया. अंबाज़गन चेन्नई पश्चिम जिले में डीएमके सेक्रेटरी भी थे. उनकी मौत पर डीएमके चीफ एमके स्टालिन समेत कई नेताओं ने दुख जताया है।

अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि डीएमके विधायक जे अंबाझहगन 2 जून को हॉस्पिटल में एडमिट हुए थे. वह कोरोना पॉजिटिव थे और उनकी हालत काफी नाजुक थी. 3 जून को उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया. उनकी हालत ठीक हो रही थी, लेकिन 7 जून को हालत फिर बिगड़ गई. इसके बाद आज सुबह उनकी मौत हो गई।

कोरोंना मुक्त घोषित होने के बाद, घर वापसी से बड़े मामले

नई दिल्ली
• गोवा में कोरोना मुक्त होने के 25 दिन बाद ही महाराष्ट्र गुजरात से लौटे 7 लोग एक ही दिन में संक्रमित पाए गए थे, इस महीने 260 नए मरीज मिले।

• मिजोरम 31 मई तक कोरोना संक्रमण से मुक्त था,1 जून को दिल्ली और कोलकाता से लौटे 12 लोग संक्रमित मिले थे।
पिछले 9 दिनों में 41 मामले सामने आए हैं।

अरुणाचल प्रदेश में 1 अप्रैल को कोरोना का पहला मामला सामने आया था तथा इलाज के बाद संक्रमित ठीक हुआ और 17 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया था। इकलौते कोरोना मरीज के ठीक होने के बाद अरुणाचल प्रदेश कोरोना मुक्त घोषित हो चुका था, परंतु कुछ नए मामले सामने आ चुके हैं।
अगले 10 दिनों में इस लिस्ट में चार और राज्यों के नाम जुड़े यह राज्य थे गोवा, मणिपुर, त्रिपुरा, और मिजोरम, इन राज्यों अपने यहां मौजूद संक्रमितो के ठीक हो जाने के बाद अपने अपने राज्यों को कोरोना मुक्त कहा था।
अप्रैल में कई दिनों तक नए केस ना मिलने के बाद कोरोना के खिलाफ इन राज्य के बेहतर तैयारियों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की चर्चाएं हो रही थी, लेकिन मई के महीने में संक्रमण फिर लौट आया, इन राज्यों में कोविड-19 की वापसी दूसरे राज्यों से हुए लोगों द्वारा हुई,ये वो लोग थे जो लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे हुए थे।

कोरोना मुक्त हुए पांच राज्यों में 9 दिन में 1134 संक्रमित मिले
अब जून में इन पांच राज्यों के हालात यह है कि 9 दिनों में 1134 संक्रमित केस मिले हैं और इनके लगातार बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अच्छी खबर यह है कि इन पांच राज्यों में अब तक कोरोना संक्रमण से एक भी मौत नहीं हुई है।

गौवध करने वालों की अब खैर नहीं ,होगी 10 साल की सजा और 5लाख जुर्माना….

कैबिनेट की अध्यादेश को मंजूरी

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गोवध के मामले में कड़े सजा का प्रावधान करने की तैयारी में है. प्रदेश में गोवध करने वालों पर 10 साल की जेल और 5 लाख जुर्माना लगाने की तैयारी चल रही है. वहीं अंग भंग करने पर 7 साल की जेल और 3 लाख तक जुर्माना लगेगा.
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गोवध निवारण संशोधन अध्यादेश लाई है. गोवध का यह अध्यादेश मंगलवार को कैबिनेट ने पास कर दिया जो 2 से 3 दिन में लागू हो जाएगा. ऐसे मामले में दूसरी बार पकड़े जाने पर गैंगस्टर एक्ट लगेगा.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें उत्तर प्रदेश गो-वध निवारण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई.

राज्य कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 लाने का फैसला किया है. इस अध्यादेश को लाने और उसके स्थान पर विधानमंडल में विधेयक पेश कर पुन: पारित कराये जाने का फैसला भी कैबिनेट ने किया है. राज्य विधानमंडल का सत्र ना होने और शीघ्र कार्रवाई किये जाने के मद्देनजर अध्यादेश लाने का फैसला किया गया.

ये उत्तर प्रदेश गोवध निवारण कानून, 1955 को और अधिक संगठित एवं प्रभावी बनाने के साथ गोवंशीय पशुओं की रक्षा करेगा।

अब नहीं चलेगी पुलिस वालों की गुंडागर्दी ,पुलिस महानिदेशक ने दिए सख्त निर्देश

रायपुर
हाल ही में हुए जनता से दुर्व्यवहार एवं जबरन मारपीट की घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम.अवस्थी जी ने समस्त पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देशित किया है पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा आम जनता से दुर्व्यवहार एवं जबरन मारपीट की घटनाओं पर विभागीय जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
साथ ही श्री अवस्थी ने कहा कि प्रदेश में यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ने किसी भी आम जनता से दुर्व्यवहार किया तो उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा उस पर अपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं।
पुलिस द्वारा जनता पर हो रहे दुर्व्यवहार एवं जबरन मारपीट की घटनाओं सी पुलिस की छवि आम जनता के सामने खराब हो रही थी इसी कारण श्री अवस्थी ने यह कठोर कदम उठाया है तथा यह निर्देश प्रेषित किया है।

बिग ब्रेकिंग न्यूज़:- सरगुजा जिले में 3 साल की बच्ची सहित 10 लोग संक्रमित…

अंबिकापुर:-
अभी मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले में 10 नए मरीज पाए गए हैं जिनमें 8 लखनपुर तथा दो अंबिकापुर के मरीज हैं। लखनपुर में मिले 8 मरीज क्वॉरेंटाइन सेंटर मे थे तथा अंबिकापुर में पाए गए 2 मरीज पेड़ क्वॉरेंटाइन सेंटर में थे।
मिली जानकारी के अनुसार लखनपुर में पाए गए 8 मरीजों में से 4 महिला तथा एक 3 साल की बच्ची शामिल है तथा इनमें तीन युवक भी है, वहीं दूसरी ओर अंबिकापुर में एक महिला और एक पुरुष संक्रमित पाए गए हैं।

शुरुआती जानकारी के अनुसार लखनपुर में पाए गए 8 मरीज प्रवासी मजदूर है,वे सभी 4 जून को महाराष्ट्र एवं तेलंगाना से लखनपुर आए थे इन सभी को लखनपुर विकासखंड के ग्राम टपरअकेला स्थित डीएवी क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया था

15 जून के बाद फिर से हो सकता है संपूर्ण लॉकडाउन गृह मंत्रालय ने दिये संकेत , ट्रेन और हवाई सफर पे लगेगा ब्रेक।

नई दिल्ली
देश में कोरोना वायरस (कोविड 19) संक्रमण से पिछले 24 घंटों के दौरान रिकॉर्ड 331 लोगों की मौत हुई है तथा संक्रमण के मामले भी हर दिन उत्तरोत्तर बढ़ने से इस अवधि में सर्वाधिक 9987 नये मामले सामने आये हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 9987 नये मामलों को मिलाकर देश में कोरोनासंक्रमितों की कुल संख्या 266598 हो गयी जबकि इस बीमारी से 7466 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। देश में इस समय कोरोना के 129917 सक्रिय मामले हैं, जबकि 129215 लोग इस महामारी से निजात पाने में कामयाब हुए हैं।

राज्य में पिछले 24 घंटों में 2553 नये मामले दर्ज किये गये
महाराष्ट्र इस महामारी से देश में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। राज्य में पिछले 24 घंटों में 2553 नये मामले दर्ज किये गये हैं और 109 लोगों की मौत हुई है जिसके साथ ही राज्य में इससे प्रभावित होने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 88528 तथा इस जानलेवा विषाणु से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3169 हो गयी है। इस दौरान राज्य में 1661 लोग रोगमुक्त हुए है जिससे स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 40975 हो गयी है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शर्तों के साथ कुछ रियायतें देते हुए राज्य में लॉकडाउन को बढ़ाकर इसकी अवधि 30 जून तक करने की घोषणा एक दिन पहले की थी। राज्य सरकार ने लॉकडाउन के नियमों में ढील देने की भी घोषणा की थी। बनर्जी ने लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा था कि मंदिरों और शादी समारोहों में केवल 25 लोगों को ही एकत्र होने की अनुमति होगी। इससे पहले यह संख्या 10 तय की गयी थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि कोविड-19 से मरने वाले व्यक्ति के अंतिम संस्कार को उसके परिजनों को देखने की अनुमति दी जायेगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया व उनकी माता हुई कोरोना संक्रमित

नई दिल्ली
कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में भाजपा नेता श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं उनकी माता माधवी राजे सिंधिया भी आ गईं हैं, मध्य प्रदेश के गुना से पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी मां को कोरोना संक्रमण हो गया है जिन्हें इलाज के लिए मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है अस्पताल प्रशासन ने उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव होने की पुष्टि की है।
गौरतलब है कि भाजपा में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर नहीं आए थे। उपचुनाव को लेकर चल रही तैयारियों के लिए समर्थक उनका इंतजार कर रहे थे जानकारी के मुताबिक लॉक डाउन के दौरान उनका स्वास्थ्य ठीक था, तथा वे इस दौरान अपने समर्थकों से फोन के माध्यम से संपर्क बनाए हुए थे एक दिन पहले ही उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है।

कर्नाटक सरकार ने लगाई दलित शब्द पर रोक

कर्नाटक के सरकारी विभागों में अब किसी भी कागज या बातचीत में ‘दलित’ शब्द का उपयोग नहीं किया जाएगा। अमूमन देश के सभी राज्यों में अनुसूचित जाति के लोगों को ‘दलित’ कहकर ही संबोधित किया जाता है। लेकिन राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी करते हुए इस शब्द का उपयोग किसी भी मामले, सौदेबाजी, सर्टिफिकेटों आदि में नहीं किए जाने का आदेश अपने सभी विभागों और मंत्रालयों को दिया है।राज्य सरकार ने सर्कुलर में कहा है कि संविधान में अनुच्छेद 341 के तहत अधिसूचित जातियों के लोगों के लिए अंग्रेजी में शेड्यूल कास्ट और अन्य सभी भारतीय भाषाओं में उसका उचित अनुवाद दिया गया है। अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के लिए इन्हीं अनुवादों का उपयोग किया जाए।

20 मई को जारी किए गए सर्कुलर में केंद्र सरकार की तरफ से 2018 में जारी निर्देशों का हवाला दिया गया है। ये निर्देश केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ के आदेश के आधार पर जारी किए थे। केंद्र सरकार ने अपने निर्देशों में दलित शब्द के उपयोग पर रोक लगाई थी।
राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार पहले ही अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों के लिए ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ शब्दों के उपयोग पर रोक लगा चुकी है। इसलिए इन शब्दों का उपयोग भी ‘दलित’ शब्द के स्थान पर नहीं होना चाहिए। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि कर्नाटक सरकार भी 2010 में ही इन शब्दों का उपयोग नहीं करने के लिए आदेश जारी कर चुकी है।

भारत ने की बॉयकॉट की बात तो चीन के छूटने लगे पसीने , देने लगा धमकी

नई दिल्लीः पहले कोरोना वायरस और फिर LAC पर तनाव के बीच भारत में चीन के बहिष्कार की आवाजें बुलंद होने लगी हैं. इन्हीं आवाजों से अब चीन घबरा गया है. चीन ने इसके खिलाफ प्रोपेगेंडा भी शुरू कर दिया है और अपने मुखपत्र के जरिए भारत को चेतावनी तक दे डाली है।
चीन के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार हैं जिससे वो हर साल लाखों करोड़ों का सौदा करता है. भारत के लगभग हर सेक्टर में चीन के सामान मौजूद हैं. लेकिन अब इस मौजूदगी को घटाने के लिए देश में कई बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं. खुद देश का व्यापारी समूह चीन के खिलाफ एकजुट होकर एक बहुत बड़े अभियान का आगाज करने जा रहा है.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत में चीन की कंपनियों का निवेश वर्ष 2014 में 12 हजार करोड़ रुपये था, जो अब पांच गुना बढ़कर 60 हज़ार करोड़ रुपये हो गया है. असल में चीन किसी तीसरे देश की कंपनियों के जरिए भारत में कई सेक्टर में निवेश कर रहा है. वर्ष 2019 में भारतीय स्टार्ट-अप्स में चीन का निवेश करीब 94 फीसदी बढ़ा है. 2018 में चीन के निवेश का आंकड़ा करीब 15 हज़ार करोड़ रुपये था, जो पिछले वर्ष बढ़कर 29 हजार करोड़ रुपये हो गया है.
भारत में 30 बड़े Start-ups में से करीब 18 स्टार्ट-अप में चीन के निवेशकों का पैसा लगा है. भारत की 75 से ज़्यादा ऐसी कंपनियां हैं, जिनमें चीन के निवेशकों ने पैठ बना ली है. ये कंपनियां ई-कॉमर्स, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी, मीडिया और सोशल मीडिया और लॉजिस्टिक की फील्ड में काम करती हैं. सिर्फ यही नहीं चीन के वीडियो ऐप टिकटॉक ने भारत में गूगल के यूट्यूब को पीछे छोड़ दिया है. भारतीय बाज़ार में चीन के OPPO और XIAOMI जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा स्मार्टफोन बेच रही हैं. इनका मार्केट शेयर करीब 72 फीसदी हो चुका है.
एक तरफ चीन जहां अमेरिका के साथ भारत के मजबूत होते रिश्तों से परेशान है तो दूसरी तरफ दुनिया के आठ देशों ने चीन के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाया है. ये गठबंधन न सिर्फ चीन के खिलाफ रणनीति बनाएगा बल्कि उसे जवाब भी देगा. चारों तरफ से घिरता चीन अब बौखलाया गया है. चीन के खिलाफ दुनिया ने मोर्चाबंदी तेज कर दी है. चीन पहले से ही दक्षिण सागर, हांगकांग और कोरोना वायरस के मुद्दे पर दुनिया के कई देशों के निशाने पर है और अब चीन के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए दुनिया के 8 देश एकजुट हो गए हैं.
चीन के खिलाफ बने गठबंधन का नाम इंटर पार्लियामेंटरी अलायंस ऑन चाइना (IPAC) रखा गया है. इसमें अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्वीडन, नॉर्वे और यूरोप की संसद के सदस्य शामिल हैं. गठबंधन का मकसद चीन से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता से रणनीति बनाना और सहयोग के साथ उचित जवाब देना है. अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर मार्को रूबियो IPAC के सह-अध्यक्षों में से एक हैं. आठों देश चीन को वैश्विक चुनौती के तौर पर देख रहे हैं.

अब चीन को घेर कर पटखनी देने के लिए आठ देशों ने मिलकर चक्रव्यूह तैयार किया है. भारत के साथ लद्दाख सीमा पर जारी तनाव पर भी दुनिया की नजर है. ऐसे में अमेरिका समेत 8 देशों ने चीन की ताकत को वैश्विक व्यापार, सुरक्षा और मानवाधिकारों के लिए खतरा मानते हुए एक महागठबंधन बनाया है.अब तक खुलकर सामने नहीं आये इन देशों ने अब गठबंधन बनाकर चीन के खिलाफ दुश्मनी का ऐलान कर दिया है. ये गठबंधन चीन की हर हरकत का माकूल जवाब देने की रणनीति पर काम करेगा और संप्रभुता की आड़ में चीन की मनमानी को नाकाम करेगा.

लॉक डाउन में नहीं चलेंगी निजी स्कूलों की मनमानी, फीस वसूली पर लगी रोक

सरगुजा:-जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा ने लॉक डाउन पीरियड में शहर के निजी स्कूलों द्वारा फीस जमा करने के लिए अभिभावकों पर डाले जा रहे दबाव पर रोक लगा दी है, अपने दिए गए आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि निजी विद्यालयों द्वारा लॉक डाउन के समय में व्हाट्सएप, मैसेज अथवा किसी अन्य माध्यम से फीस जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है जो की अनुचित है, और विद्यालयों द्वारा आगामी आदेश तक फीस वसूली पर रोक लगाई जाती है।

गौरतलब है कि आज ही अभिभावक संघ द्वारा सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निजी विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं को रोकने के लिए ज्ञापन सौंपा गया था। तथा निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से फीस जमा करने को लेकर अभिभावकों पर दबाव बनाए जाने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश देते हुए फीस वसूली पर रोक लगा दी है।
निजी संस्था होली क्रॉस, कार्मेल व अन्य स्कूलों द्वारा अभिभावकों को व्हाट्सएप, मैसेज एवं अन्य माध्यमों से संदेश भेज कर फीस जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया में भी निजी स्कूलों के द्वारा मनमाने तरीके से फीस वसूली को लेकर अभिभावकों द्वारा काफी विरोध किया जा रहा था।

बिग ब्रेकिंग:- देश में संक्रमितो की संख्या 2.62लाख पहुंची, बंगाल से ओडिसा लौटे एनडीआरएफ के 178 जवान कोरोना संक्रमित

ओडिसा:-देश में अब तक 2.62 लाख केस सामने आ चुके हैं। मुंबई में मरीजों का आंकड़ा 50,000 के पार जा चुका है देश में कोरोना से अब तक 7372 मौते, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 3169 मौतें हो चुकी हैं। टॉप 10 राज्यों में गुजरात में मृत्यु दर सबसे ज्यादा 6.2% और बिहार में सबसे कम 0.6% है।
देश में कोरोना संक्रमितो की संख्या 262646 हो गई है सोमवार को महाराष्ट्र में 2553 मामले सामने आए हैं और 109 मौतें भी हुई है।
मुंबई में संक्रमितो का आंकड़ा 50000 के पार पहुंच गया है, और 702 लोगों की मौत हो चुकी है पूरे महाराष्ट्र में 88528 मरीज मिल चुके हैं और 40000 से ज्यादा लोग ठीक भी हो चुके हैं उधर उड़ीसा के कटक में एनडीआरएफ के 49 जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तूफान के राहत कार्य के बाद बंगाल से लौटने पर तीसरी बटालियन के अब तक 178 जवान संक्रमित मिल चुके हैं।

टॉप 10 संक्रमित राज्य में से 6 राज्यों की मृत्यु दर 3% से भी कम है।

कामवाली बाई से पूरी कॉलोनी में फैला कोरोना, पूरी कोलोनी सील

दिल्ली:-
दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां घर में काम करने आने वाली बाई यानी हाउसमेड की वजह से 20 लोग कोरोंना संक्रमित हो गए और 750 लोगों को क्वारांटाइन होना पड़ा है, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने 24 मई को इलाके में पहला कोरोना का मामला सामने आया था उसके बाद मामला बढ़ते ही गया जिसके कारण पूरा इलाका सील कर दिया गया है। दरअसल इस क्षेत्र में घर में काम करने के लिए आने वाली एक बाई की वजह से कोरोना संक्रमण इतनी तेजी से फैल गया है। इस महिला के संपर्क में आने की वजह से पहले एक बच्चा और फिर घर के अन्य सदस्य संक्रमित हो गए।
दिल्ली के पीतमपुरा प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है यहां के तरुण एंक्लेव में एक के बाद एक 20 लोग कोरोना पोजीटिव पाए गए हैं जिसके बाद 3 जून को पूरे इलाके को संक्रमित जोन घोषित कर दिया गया है। इतने सारे लोगों के एक साथ संक्रमित होने के बाद इसकी खोजबीन की गई तो मामला सामने आया कि यह संक्रमण घर में काम करने वाली एक बाई की वजह से हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, कोरिया जिले में मिले 5 नए मरीज

कोरिया:- पिछले 24 घंटे के अंदर कोरिया जिले में पांच नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जिसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है कल रात 2 मरीज सामने आए थे जिनमें एक बैकुंठपुर शहर के मध्यस्थ स्कूल पारा के एक छात्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, वही दूसरा मरीज बैकुंठपुर विधानसभा के चर्चा प्राथमिक शाला का है मनेंद्रगढ़ विधानसभा के खड़गवां क्षेत्र के बड़े सालही में भी एक मरीज मिला है भरतपुर सोनहत के घाघरा क्वॉरेंटाइन सेंटर में एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है कोरिया में कुल 43 कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं। जिनमें से 5 मरीज जी को कर घर वापस आ चुके हैं जिसके बाद अब कोई एक्टिव मरीजों की संख्या 38 हो गए हैं।
जिले में कोरोना मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है जिसके कारण जिला प्रशासन व स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गई है।

महाराष्ट्र की जेलों से छोड़े गए 20 हजार से अधिक कैदी…

महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में उद्धव सरकार ने महाराष्ट्र की 60 जेलों में बंद 11000 कैदियों को इमरजेंसी पैरोल पर छोड़ने का फैसला लिया है। 9671 कैदी पहले से ही छोड़े जा चुके थे, इस पर महाराष्ट्र गृह मंत्री श्री अनिल देशमुख ने बताया कि राज्य के जिलों में कुल 38000 कैदी है जिनको सुरक्षा के ऐतिहतान इमरजेंसी पैरोल पर छोड़ा जा रहा है। जेल में बंद कैदियों के बीच में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाने के कारण महाराष्ट्र सरकार द्वारा यह फैसला लिया गया है, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए इनमें से 20000 कैदी पहले ही बाहर आ चुके हैं। इसके अलावा किसी भी असामान्य गतिविधि से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 24 जिलों में 31 अस्थाई जेल बनवाई है, जेलों में संख्या कम करने व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने यह कदम उठाया है।

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