हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर (अंधे कत्ल) की गुत्थी को सूरजपुर पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। पैसों के लालच में एक शिक्षिका और उसके 12वीं के छात्र बेटे की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतका के दस्तावेज, जेवरात, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त कार व अन्य सामान बरामद कर लिए हैं।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को थाना जयनगर पुलिस को सूचना मिली कि महाबीरपुर कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास नाली में एक अज्ञात युवक का शव पड़ा है। मृतक की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में सिर और छाती पर गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने पर जयनगर थाने में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान मृतका के मामा अविनाश बरेठ ने विश्रामपुर थाने में सूचना दी कि सुजल की मां रजनी बरेठ (जो कि एक शिक्षिका थीं और ममता कॉलोनी केशवनगर में किराए पर रहती थीं) भी लापता हैं। पुलिस ने 11 अक्टूबर की रात उनके किराए के मकान का ताला तुड़वाया, जहां बाथरूम में रजनी बरेठ का भी शव मिला। गला दबाकर उनकी हत्या किए जाने की पुष्टि के बाद विश्रामपुर थाने में भी हत्या का मामला दर्ज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा और पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में एक संयुक्त टीम और साइबर सेल अंबिकापुर को लगाया गया। शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मृतिका के घर के पास काले रंग की टी-शर्ट और सफेद गमछा पहने एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया।
फुटेज की कड़ियाँ जोड़ते हुए पुलिस एक कार वॉशिंग सेंटर तक पहुँची, जहाँ से कार नंबर CG 15 EG 7101 की जानकारी मिली। कार मालिक के घर दबिश देने पर संदिग्ध प्रवेश कुमार पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जिसने पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए।
हत्या की खौफनाक दास्तान
आरोपी प्रवेश कुमार और मृतिका रजनी बरेठ दोनों एक ही स्कूल में कार्यरत शिक्षकों के संपर्क में थे। आरोपी ने मोटर्स-पार्ट्स के व्यवसाय के लिए 20 लाख रुपये का लोन लिया था और वह कर्ज में डूबा हुआ था। उसे पहले से पता था कि रजनी को 19 लाख रुपये का लोन मिलने वाला है और पैसे उसके खाते में आने वाले हैं। 9 अक्टूबर की दोपहर आरोपी पैदल रजनी के घर पहुंचा। शाम को जब बेटा सुजल ट्यूशन चला गया, तब आरोपी ने रजनी से रुपयों की मांग की। मना करने पर उसने झूमाझटकी करते हुए स्टील के पानी की बोतल से उसके सिर पर वार किया। इसके बाद बाथरूम में ले जाकर पैर से उसका गला लगभग 10 मिनट तक दबाकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी को डर था कि सुजल को इस बात की भनक है और वह राज खोल देगा। इसलिए उसने सुजल को भी रास्ते से हटाने की योजना बनाई। वह रजनी की स्कूटी से पेट्रोल पंप तक गया, वहां हेलमेट छिपाया और फिर वापस कार लेकर आया। रात में सुजल को साथ घुमाने के बहाने अंबिकापुर ले गया। रास्ते में राई जंगल के पास बाथरूम के बहाने कार रोककर सुजल के गले को स्टोल से कसा और सीमेंट के खंभे के टुकड़े से सिर व सीना पर वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। शव को गाड़ी में रखकर कालीघाट के पास फेंक दिया।
पुलिस ने आरोपी के पास से मृतका के दो मोबाइल फोन (आरोपी के घर से), मृतका का एक मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेक, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, एटीएम कार्ड और सोने-चांदी के आभूषण (अंबिकापुर स्थित आरोपी के ससुराल से) घटना में प्रयुक्त ग्रैंड विटारा कार, सीमेंट का खंभा, स्टील की पानी की बोतल और मृतका का चप्पल (राई जंगल से)।
सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में थाना प्रभारी विश्रामपुर विकास देशमुख, थाना प्रभारी जयनगर अमित गुप्ता, थाना प्रभारी झिलमिली सरफराज फिरदौसी, साइबर सेल प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों की टीम की अहम और सराहनीय भूमिका रही।




