हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत स्कूल में नेत्र परीक्षण के दौरान छात्राओं से अभद्र व्यवहार करने के आरोपी नेत्र सहायक अधिकारी (Eye Assistant Officer) आर.बी. दिवाकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा संभाग, डॉ. अनिल कुमार शुक्ला द्वारा की गई है। निलंबन के साथ ही मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
स्कूल में जांच के दौरान हुई थी घटना
मिली जानकारी के अनुसार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुघरा (विकासखंड सोनहत, जिला कोरिया) में RBSK के तहत छात्राओं की आंखों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी आर.बी. दिवाकर पर छात्राओं ने अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए RBSK के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद यादव ने तत्काल सोनहत के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही BMO ने विद्यालय पहुंचकर छात्राओं और उनके परिजनों की मौजूदगी में बयान दर्ज किए। छात्राओं के लिखित और मौखिक बयानों में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद BMO की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कोरिया के माध्यम से संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय भेजी गई।
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
संयुक्त संचालक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, आर.बी. दिवाकर का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
सूरजपुर में रहेगा निलंबन कालीन मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान आर.बी. दिवाकर का मुख्यालय कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला-सूरजपुर (छ.ग.) नियत किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन काल के दौरान वे संस्था प्रमुख की लिखित अनुमति के बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। नियमों के अनुसार इस अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) देय होगा।

