हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर। सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर के एक नामी निजी स्कूल ‘बिरला ओपन माइंड’ (Birla Open Minds International School) से शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक की गरिमा को तार-तार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां की एक शिक्षिका पर आरोप लगा है कि उन्होंने दो छात्रों के बीच हुई आपसी कहासुनी के बाद दंड स्वरूप एक छात्र की कॉपी में मां से जुड़ी अश्लील गालियां कई पन्नों तक (करीब 100 बार) लिखवाईं। घटना का खुलासा होने के बाद अभिभावकों में जबरदस्त आक्रोश है और वे शिक्षिका व स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दो छात्रों के विवाद में शिक्षिका ने पार की हदें
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल में पढ़ाई के दौरान दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। मामले को सुलझाने और अनुशासन बनाने के बजाय शिक्षिका ने एक मासूम छात्र को ऐसा अजीबोगरीब और शर्मनाक दंड दिया, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। शिक्षिका ने छात्र को सजा के तौर पर कॉपी में 100 बार अत्यंत अभद्र और अश्लील गालियां लिखने को मजबूर किया।
जब छात्र घर पहुंचा और परिजनों ने उसकी कॉपी देखी, तो उनके होश उड़ गए। इस कृत्य से व्यथित होकर परिजनों ने तुरंत मामले की शिकायत शिक्षा विभाग और प्रशासन से की।
DEO ने कहा “निहायत ही गलत और बर्दाश्त से बाहर, होगी सख्त कार्रवाई”
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश कुमार झा ने तत्काल संज्ञान लिया है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
डीईओ दिनेश कुमार झा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:
“यह विषय मेरे संज्ञान में आया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मैंने सहायक संचालक को स्कूल भेजा है। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया यह कृत्य निहायत ही गलत और निंदनीय है। बच्चों को ऐसे संस्कार कभी नहीं दिए जा सकते। स्कूलों में इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
अभिभावकों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद से ही अन्य अभिभावकों में भी स्कूल प्रबंधन के रवैये को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जहां बच्चों को नैतिकता और अच्छे संस्कार सीखने के लिए स्कूल भेजा जाता है, वहां यदि शिक्षक ही इस तरह की अभद्रता सिखाएंगे, तो बच्चों के भविष्य और मानसिक स्थिति पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। फिलहाल सभी की नजरें शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

