हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/भैयाथान मुकेश गुप्ता : जिले के भैया थान विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम सिरसी में भू-माफियाओं के आतंक का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ सीधे-साधे ग्रामीणों की पुश्तैनी संपत्तियों पर रसूखदारों द्वारा गिद्ध दृष्टि जमाई जा रही है। ताजा मामला भैयाथान तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिरसी का है, जहाँ एक किसान की जमीन को हड़पने की नीयत से अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला ?
ग्राम सिरसी निवासी पीड़ित सुरेश गुप्ता ने बताया कि उनकी ग्राम सिरसी में स्थित निजी भूमि (खसरा नंबर 863/4, रकबा 0.04 हेक्टेयर) पर गाँव के ही कुछ रसूखदार व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजस्व दस्तावेजों में हेर-फेर का आरोप …
पीड़ित का गंभीर आरोप है कि विपक्षी दलों ने आपसी मिलीभगत और पैसों के लेन-देन का लालच देकर भैयाथान तहसील के कानूनगो/रिकॉर्ड शाखा के अधिकारियों के साथ साठ-गांठ की है। आरोप है कि सरकारी दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर कर हेर-फेर की गई है। विपक्षी दल पीड़ित के नाम एवं नक्शे में काट-छांट कर जमीन को अपने नाम पर दर्ज कराने की फिराक में हैं।
बिना अनुमति निर्माण कार्य और धमकी …
पीड़ित के अनुसार, अनावेदक पक्ष,पूरन राम राजवाड़े,विजेन्द्र राजवाड़े, ढोखन राजवाड़े उक्त व्यक्तियों ने बिना किसी वैध अधिकार के पीड़ित की रजिस्ट्रीशुदा जमीन पर नींव खोदकर मकान निर्माण कार्य शुरू कर दिया है
जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो उसे डराया-धमकाया गया। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से पता चला है कि राजस्व रिकॉर्ड में भी बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई है।
कड़ी कार्रवाई की मांग …
पीड़ित सुरेश गुप्ता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि शासकीय दस्तावेजों की शुचिता बनी रहे और एक गरीब की जमीन सुरक्षित रह सके। पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, तो उनकी पुश्तैनी जमीन उनके हाथ से निकल जाएगी।
सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर और भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले को दर्शाती है।
जबकि राजस्व रिकॉर्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा कर सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों को लाभ पहुँचाया गया।
शासकीय कर्मचारी पर मूल दस्तावेजों और नक्शों से छेड़छाड़ का आरोप प्रशासन से सख्त कार्रवाई की माँग पीड़ित द्वारा की जा रही है।
जिले का राजस्व विभाग इन दिनों अपने नित्य नए-नए कारनामों में खबरों की सुर्खियां तो बटोर ही रहा है, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी में एक सरकारी कर्मचारी पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करने और अपने रिश्तेदारों को अवैध रूप से आर्थिक व भू-लाभ पहुँचाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित शिकायत के अनुसार, राजस्व विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी ने शासकीय रिकॉर्ड (नामांतरण पंजी एवं फर्द नक्शा) के साथ अवैध रूप से छेड़छाड़ की है। आरोप है कि कर्मचारी ने खसरा के मूल दस्तावेजों और नक्शों को बदलकर उनमें काट-छाँट की। इस हेराफेरी के जरिए आवेदक की भूमि को चालाकी से अपने रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज कर दिया गया।
पद का दुरुपयोग और मिलीभगत
पीड़ित ने बताया कि संबंधित कर्मचारी न केवल एक महत्वपूर्ण पद पर तैनात है, बल्कि रिकॉर्ड शाखा का प्रभारी भी है। इसी का फायदा उठाकर उसने सरकारी दस्तावेजों की पवित्रता को भंग किया। यह पूरी साजिश निजी स्वार्थ और अपने परिवार को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से रची गई है। इसे “गंभीर भ्रष्टाचार” और “शासकीय धोखाधड़ी” की श्रेणी में देखा जा रहा है।
सख्त कार्रवाई की माँग
इस कृत्य से आक्रोशित पीड़ित और आवेदक ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि दोषी कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए। मामले की निष्पक्ष और आंतरिक जाँच कर सच सामने लाया जाए। राजस्व रिकॉर्ड को पुन दुरुस्त कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रशासनिक रुख पर टिकी नजरें ….
अब देखना यह होगा कि राजस्व विभाग इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है। विभागीय अधिकारियों से माँग की गई है कि वे सरकारी रिकॉर्ड की शुचिता बनाए रखने के लिए आरोपी कर्मचारी पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि जनता का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।
मुख्य बिंदु ….
आरोप, राजस्व रिकॉर्ड, खसरा और नक्शों में अवैध काट-छाँट।
उद्देश्य … रिश्तेदारों को जमीन और पैसे का अवैध लाभ पहुँचाना।
माँग… पद से बर्खास्तगी और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की अपील।



