हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/बिहारपुर : सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोल्हुआ में भ्रष्टाचार और कानून के उल्लंघन का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां सरपंच राम लाल पण्डो द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वन विभाग की तीन एकड़ जमीन की बिक्री डेढ़ लाख रुपयों में कर दी। सरपंच द्वारा जमीन खरीदी बिक्री के लिए एक पंचनामा भी बनाया गया हैं जिसमें सरपंच की सील और हस्ताक्षर का उपयोग इस अवैध प्रक्रिया को “सरकारी मान्यता” देने के लिए किया गया हैं।

गलती नहीं अपराध
सरपंच द्वारा केवल अपने पद का दुरुपयोग नहीं किया गया हैं बल्कि उनका यह कृत्य कानूनन अपराध की श्रेणी में भी आता हैं। सरपंच द्वारा वन भूमि का अवैध हस्तांतरण किया गया हैं। पंचनामा में भी स्पष्ट लिखा गया है कि जमीन “वन भूमि” है। वन भूमि सरकार (वन विभाग) की संपत्ति होती है। कोई भी व्यक्ति इसे निजी तौर पर बेच या खरीद नहीं सकता। वन संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत वन भूमि का गैर-वानिकी कार्यों या निजी कब्जे के लिए हस्तांतरण दंडनीय अपराध है। वन भूमि पर कब्जा हस्तांतरित करना न केवल वन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि यह सीधे तौर पर सरकारी संपत्ति की हेराफेरी का मामला है और इस कारनामे में शामिल सभी पक्षकारों और प्रमाणित करने वाले अधिकारियों पर जालसाजी और पद के दुरुपयोग की कार्यवाही की जा सकती हैं।
वन विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल
वन भूमि की खरीदी बिक्री का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है लेकिन वन विभाग मूकदर्शक बनकर मामले में छुपी साधे बैठा है, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आपको बता दे कि चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में कई रसूखदार लोगों द्वारा वन भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य और खेती-बाड़ी की जारी है और कई ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं जहां इन जमीनों का खरीद फरोख्त भी किया जा रहा है लेकिन वन विभाग इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है जिससे वन विभाग द्वारा इन अवैध कृत्यों को मौन सहमति दिए जाने की सुगबुगाहट तेज हैं।



