मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने सादगी और सामूहिकता की परंपरा को किया सशक्त – स्वास्थ्य मंत्री
184 जोड़ों का विवाह शासन की सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण – श्याम बिहारी जायसवाल
हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर किशन शाह :
मां महामाया के पावन आशीर्वाद तले छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 का जिला स्तरीय सामूहिक विवाह सम्मेलन खड़गवां विकासखंड के ग्राम चनवारीडांड स्थित मां महामाया मंदिर परिसर में भव्य, गरिमामय एवं भावनात्मक वातावरण में ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल सामूहिक विवाह का उदाहरण बना, बल्कि सामाजिक समरसता, सादगी और शासन की संवेदनशील सोच का सशक्त प्रतीक भी रहा।
मां महामाया मंदिर परिसर में सजे विवाह मंडप, पारंपरिक वेशभूषा में सजी नववधुएं, पगड़ी एवं मुकुट धारण किए वर, मंगल गीतों की मधुर ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक वातावरण ने पूरे आयोजन को दिव्य एवं अविस्मरणीय बना दिया। जिले के मनेंद्रगढ़, खड़गवां, चिरमिरी एवं जनकपुर परियोजना क्षेत्रों से चयनित कुल 190 जोड़ों में से 184 जोड़ों ने विधिवत वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण रहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से शासन आर्थिक रूप से कमजोर, श्रमिक, किसान, भूमिहीन मजदूर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक और बिना आर्थिक बोझ के संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 190 जोड़ों का विवाह प्रस्तावित था, जिनमें से 184 जोड़े उपस्थित होकर विवाह संस्कार में सम्मिलित हुए। परियोजना-वार विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि मनेंद्रगढ़ से 56, खड़गवां से 54, चिरमिरी से 19 तथा जनकपुर से 54 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।
उन्होंने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत प्रति जोड़ा कुल 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये चेक के माध्यम से लाभार्थियों को तथा 15 हजार रुपये सामग्री, वस्त्र, उपहार, भोजन, मंडप एवं अन्य व्यवस्थाओं पर व्यय किए जाते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एमसीबी जिले में मां महामाया के पावन प्रांगण में 184 जोड़ों का सामूहिक विवाह शासन की संवेदनशीलता और गरीब-हितैषी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह योजना सादगी, सामूहिकता और सामाजिक सहयोग की उस परंपरा को पुनर्जीवित कर रही है, जो समय के साथ विलुप्त होती जा रही थी।
स्वास्थ्य मंत्री ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज से उनके जीवन की नई यात्रा प्रारंभ हो रही है। उन्होंने सड़क सुरक्षा को लेकर हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने की अपील की तथा गौ-संरक्षण के उद्देश्य से एक-एक गाय पालने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम के दौरान नवविवाहित जोड़ों को चेक वितरित किए गए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, नगर निगम चिरमिरी के महापौर राम नरेश राय, जनपद अध्यक्ष जानकी बाई खुसरो, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, एसडीएम विजेन्द्र सारथी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को सुखद एवं समृद्ध दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।



