हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन शाह : नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ में वार्ड विकास कार्यों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पार्षदों ने आरोप लगाया है कि परिषद की बैठक में विधिवत पारित किए गए विकास कार्यों को बाद में मनमाने ढंग से हटाकर अपने अनुसार नए कार्य जोड़ दिए गए, जिससे वार्डों के साथ अन्याय हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद की बैठक दिनांक 16 सितंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जिसमें सभी वार्डों के लिए बराबर-बराबर राशि से विकास कार्य कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था। बैठक के दौरान पार्षदों से विकास कार्यों के प्रस्ताव भी लिए गए थे और उन्हें एजेंडे में शामिल किया गया था।
लेकिन आरोप है कि परिषद की बैठक के बाद बिना किसी सहमति के कई वार्डों के प्रस्तावित विकास कार्यों को हटाकर नए कार्य जोड़ दिए गए। विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 19 के पारित कार्यों को हटाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
वार्ड 19 से हटाए गए प्रमुख कार्य
वसीहत खान के घर से राजेन्द्र के घर तक एवं लक्ष्मी के घर से नईम के घर होते हुए मंदिर के पीछे नाली निर्माण कार्य।
अन्य वार्डों में प्रस्तावित स्ट्रीट लाइट एवं सीसी रोड निर्माण कार्य।
पार्षदों का कहना है कि इस तरह से एजेंडा बदलना परिषद की गरिमा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। इससे वार्ड के नागरिकों को विकास कार्यों से वंचित होना पड़ रहा है।
कलेक्टर से की गई शिकायत
मामले को लेकर पार्षद द्वारा कलेक्टर महोदय, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत में मांग की गई है कि—
वार्ड 19 सहित अन्य वार्डों के हटाए गए विकास कार्यों को पुनः शामिल किया जाए
परिषद के एजेंडे में मनमाने बदलाव करने वाले अधिकारियों/जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए
शिकायत के साथ परिषद में पारित प्रस्तावों की प्रतियां, बजट की प्रति एवं पूर्व पत्राचार भी संलग्न किया गया है।
अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि
इस मामले की जानकारी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, क्षेत्रीय कार्यालय, विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी दी गई है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या संज्ञान लेता है और क्या वार्डों को उनका हक़ मिलने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।

