भ्रष्टाचार की ‘पुताई’ पर विभाग की चुप्पी: क्या साहबों की जेब तक जा रहा है सिरसी का सरकारी पैसा?

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हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर भैयाथान मुकेश गुप्ता : जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिरसी में रेशम विभाग के नाम पर चल रहे महाघोटाले का खुलासा हुए कई दिन बीत गए, लेकिन प्रशासन की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है। ‘वृक्षारोपण’ के नाम पर पैसा निकालकर पेड़ों पर ‘चूना’ पोतने का जो तमाशा फील्ड ऑफिसर तिलक श्रीवास्तव और उनके सहयोगियों द्वारा शुरू किया गया था, वह आज भी बदस्तूर जारी है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं?


सवाल नं. 1: वृक्षारोपण की फाइल में पुताई का खेल क्यों?
जनता यह जानना चाहती है कि शासन ने बजट “वृक्षारोपण” (नए पौधे लगाने) के लिए स्वीकृत किया था, तो उस पैसे से पुराने पेड़ों की ‘पुताई’ क्यों की जा रही है? क्या कागजों में नए पौधे जीवित दिखा दिए गए हैं? रेशम विभाग के अधिकारी यह स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं कि बिना किसी तकनीकी आवश्यकता के, बेमौसम पुताई कराकर सरकारी धन की होली क्यों खेली जा रही है?

सवाल नं. 2: फर्जी हाजिरी के ‘डिजिटल सबूत’ पर कार्रवाई कब?
मनरेगा के ऑनलाइन सिस्टम में एक ही फोटो को बार-बार अपलोड कर 7-7 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। यह सीधे तौर पर राजस्व की चोरी और जालसाजी का मामला है। तकनीक को ठेंगा दिखाने वाले फील्ड ऑफिसर पर अब तक एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं हुई? क्या विभाग के बड़े अफसरों को इस फर्जीवाड़े में हिस्सा मिल रहा है, इसलिए वे आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं?


सवाल नं. 3: अवैध नियुक्तियों का हिसाब कौन देगा?
बिना किसी स्वीकृत पद के एक ‘फर्जी चौकीदार’ की नियुक्ति कर उसे सरकारी फंड से भुगतान करना वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। बिना बजट और बिना पद के यह मेहरबानी किस आधार पर की जा रही है?


अधिकारियों की चुप्पी… मिलीभगत या डर?
जब इस संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की जाती है, तो उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं होता हैं शायद इसी वजह से तीन जिलों का प्रभार संभाल रहे सहायक संचालक शिव नारायण सिंह फोन उठाने की हिम्मत नहीं कर पाते हैं। सिरसी के इस रेशम केंद्र में चल रही धांधली यह बताने के लिए काफी है कि यहाँ नियम नहीं, बल्कि फील्ड ऑफिसर की मनमानी चलती है।
अगर जल्द ही इस मामले में जांच कमेटी गठित कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि भैयाथान से लेकर जिला मुख्यालय तक भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। शासन को चूना लगाने वाले इन सफेदपोश ‘दीमकों’ पर कार्रवाई का इंतजार पूरा जिला कर रहा है।

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